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इ’स वा’स्तु टि’प का दे’खें क’माल, प’ति प’त्नी में बढ़े’गा प्या’र, हों’गे ध’नवान….

धार्मिक खबर

लख’नऊ: नम’क से खा’ने का स्वा’द ब’ढ जा’ता है। ले’किन अ’गर इ’सका संतु’लन है तो भो’जन स्वा’दिष्ट ब’नता है, न’हीं तो बेस्वा’द औ’र जह’र तु’ल्य।  नम’क की क’मी या अधि’कता भोज’न स्वा’द को बि’गाड़ने का का’म कर’ती हैं। ऐ’से में ज’रूरी हैं कि संतुलि’त मा’त्रा में इस’का इस्ते’माल कि’या जा’ए।

वा’स्तु में ना’म का बहु’त म’हत्व मा’ना जा’ता हैं जो मुसी’बतों को दू’र क’र घ’र में खुश’हाली का आग’मन कर’ता हैं।  चुट’कीभर नम’क के उपा’य जी’वन की ढे’र सा’री स’मस्याओँ का नि’वारण क’र स’कते हैं। उ’न्हीं उपा’यों के बा’रे में ब’ताने जा र’हे हैं। ले’किन खा’स ध्या’न र’खें कि इन’में से कि’सी भी उ’पाय को गुरू’वार के दि’न न क’रें। तो जान’ते हैं इ’न उपा’यों के बा’रे में।

रि’श्तों में मिठा”स

*जि’न घ’रों में प’ति-प’त्नी में अ’नबन र’हती है, उ’न्हें अप’ने बे’डरूम के कि’सी को’ने में सें’धा नम’क का ए’क छो’टा सा टु’कड़ा र’ख दे’ना चा’हिए। इस’से घ’र में सका’रात्मक ऊ’र्जा का सं’चार हो’गा। ऐ’से में घ’र का मा’हौल खुश’नुमा ब’नेगा। सा’थ ही प’ति-प’त्नी के लड़ा’ई-झ’गड़े दू’र हो रि’श्तों में मि’ठास ‘आ’ती है।

नज’र दो’ष

*जि’न लो’गों को न’मक बहु’त ज्या’दा ल’गती है वो रा’ई, न’मक औ’र सू’खी मि’र्च को व्य’क्ति के ऊ’पर से वा’र दें औ’र गै’स प’र र’ख दें। य’ह नेगे’टिव को खीं’च ले’ता है औ’र व्य’क्ति को बु’री नज’र से ब’चाता हैं।

 ऐ’से बने’गा ह’र का’म

*घ’र का वास्तु’दोष दू’र कर’ने के लि’ए ए’क कां’च की क’टोरी या डि’ब्बे में से’धा न’मक की कु’छ डलि’यां डाल’कर उ’से बा’थरूम के कि’सी को’ने में र’ख दें। इस’से व’हां प’र मौ’जूद नका’रात्मक ऊ’र्जा सका’रात्मक ऊ’र्जा में बद’ल जा’एगी। सा’थ ही इ’स नम’क को ह’र 15 दि’न में बद’लते र’हें।

*ब’नते- ब’नते का’म बिग’ड़ने के पी’छे का का’रण न’जर लग’ना हो’ता है। ऐ’से में चु’टकीभर न’मक औ’र थो’ड़ी सी रा’ई को लेक’र सा’त बा’र सि’र के ऊप’र से घुमा’एं। फि’र उ’से चल’ते पा’नी में ब’हा दें।

मा’हौल खुश’नुमा

*ह’फ्ते में 1 बा’र पा’नी में थो’ड़ा सा नम’क मि’क्स क’र पों’छा लगा’ने से घ’र में मौ’जूद नेगे’टिविटी दू’र हो’ती है। घ’र का वाता’नरण खु’शनुमा रह’ता है। प’रिवार के सद’स्यों में एक’ता ब’ढ़ने के सा’थ दे’वी ल’क्ष्मी का वा’स हो’ता है। ऐ’से में अ’न्न, ध’न औ’र से’हत से जु’ड़ी परेशा’नियों से आ’राम मिल’ता है।

*कां’च के ए’क डि’ब्बे में सें’धा न’मक औ’र 4-5 लौं’ग डा’लकर घ’र प’र र’खने से ध’न से जु’ड़ी स’मस्याएं दू’र हो’ती है। इस’से आ’र्थिक परे’शानी दू’र हो घ’र में दे’वी ल’क्ष्मी का वा’स हो’ता है। नौक’री, कारो’बार में त’रक्की मि’लने के सा’थ रू’का हु’आ पै’सा ज’ल्द वा’पिस मिल’ता है।

अ’स्थमा में आरा’म

*सें’धा नम’क के टु’कड़े को प’र्स में र’खें औ’र ज’ब भी सम’य मि’लें उ’से सूं’धें। 30 दि’न त’क ऐ’सा क’रें औ’र फि’र 10 दि’न त’क ब्रे’क ले’ने के बा’द वापि’स ऐ’सा क’रें। इस’से आप’को अस्थ’मा में आरा’म मिल’ता है।

इ’न बा’तों का र’खें ध्या’न

*क’भी भी आ’प सी’धी हथे’ली में नम’क र’ख क’र दू’सरे व्य’क्ति को न दें इ’ससे आ’पका उस’से झग’ड़ा हो स’कता है। नम’क को क’भी ज’मीन प’र न गिर’ने दें। अ’गर न’मक ज’मीन प’र गि’रता है तो इ’ससे दु’र्भाग्य आ’ता है।