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भार’त के इ’स टीच’र को मि’ला 7 क’रोड़ का अ’वॉर्ड, इ’स टी’चर ने ब’स कि’या ये का’म, जा’निए….

हिंदी खबर

लड़कि’यों की शि’क्षा को बढ़ा’वा दे’ने के लि’ए भार’त के ए’क प्राइ’मरी स्‍कूल टीच’र रंजी’त सिं’ह डि’स्‍‍ले को 1 मिलि’यन US डॉल’र या’नि 7 क’रोड़ भार’तीय रुप’ए के ईना’म के ग्लोब’ल टी’चर प्राइ’ज अवा’र्ड से सम्‍मा’नित कि’या ग’या है. महा’राष्ट्र के सो’लापुर जि’ले के परिते’वाडी गां’व के 32 व’र्षीय रंजीत सिंह ने सम्‍मान पाने पर, जीती हुई राशि को अपने साथ फाइनल्‍स में पहुंचे बाकी 9 प्रतियोगियों के साथ बांटने की घोषणा की है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाने वाले रंजीत सिंह के संघर्ष की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणादायक है. रंजीत सिंह एक IT इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचने के बाद उन्‍हें एहसास हुआ कि शायद वे गलत रास्‍ते पर हैं. उनके पिता ने उन्‍हें टीचिंग ट्रेनिंग करने का सुझाव दिया. रंजीत संकोच के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गए और वहां पहुंचकर उनके जीवन को नई दिशा मिली. उन्होंने देखा कि शिक्षक दुनिया में वास्तविक बदलाव लाते हैं, और उन्‍होंने स्‍वयं एक टीचर बनने का फैसला कर लिया. जिस स्कूल में उन्होंने शुरूआत में पढ़ाया, वह मवेशियों के शेड और एक गोदाम के बीच बनी जर्जर इमारत में था. वहां पढ़ने वाली अधिकांश लड़कियां आदिवासी समुदायों से थीं. समाज के उस हिस्‍से में लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी और बाल विवाह एक आम प्रथा थी. इसके अतिरिक्त, छात्रों की पढ़ाई की प्राथमिक भाषा कन्नड़ नहीं थी, जिसका अर्थ था कि कई छात्र पढ़ने में असहज थे. काफी प्रयास के बाद, रंजीत ने स्‍वयं कन्नड़ सीखी और छात्रों के लिए ग्रेड 1-4 तक की सभी किताबों को फिर से डिज़ाइन किया. इन किताबों को उन्‍होंने यूनीक QR कोड के साथ डिज़ाइन किया जिससे ऑडियो कविताओं, वीडियो लेक्चर, कहानियों और असाइनमेंट्स को एम्बेड किया जा सके. इन क्यूआर कोडित किताबों की मदद से कई लड़कियों ने ऐसे समय में पढ़ाई जारी रखी जब एक आतंकवादी हमले के कारण स्कूल दो महीने के लिए बंद कर दिए गए थे.उनके प्रयासों के फलस्‍वरूप, 2016 में उनके स्कूल को जिले के सर्वश्रेष्ठ स्कूल से तौर पर सम्मानित किया गया जहां 98 प्रतिशत छात्रों ने स्कूल का सेशन पूरा करने से पहले ही अपनी लर्निंग पूरी कर ली थी. माइक्रोसॉफ्ट के CEO, सत्य नडेला ने रंजीत सिंह के काम को उनकी पुस्तक ‘हिट रिफ्रेश’ को भारत की तीन सर्वश्रेष्‍ठ कहानियों में से एक के रूप में चुना. केंद्र सरकार ने रंजीत सिंह को ‘2016 इनोवेटिव रिसर्चर ऑफ द ईयर’ का सम्‍मान दिया और उन्होंने 2018 में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के ‘इनोवेटर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार भी जीता.