Categories
Other

उ’ल्टी की की’म’त क’रो’ड़ों में: बी’मा’र हो’ने प’र उ’ल्टि’यों का हो’ना, इ’सी उ’ल्टी को क’र’ते है.. प’ढ़ें पू’री ख’ब’र…

नई खबर

लखनऊ: दुनिया में कई लोगों की किस्मत अचानक चमक जाती है और जब मिलता है छप्पर फाड़कर मिलता है। ये कहावत भी है कि “देने वाला जब भी देता-देता छप्पर फाड़कर” ऐसे में आमदनी का जरिया कई बार बड़ी अजीब चीजें होती हैं। एक ऐसी ही अजीब चीज है जो मिल जाए तो आप करोड़पति बन जायेंगे।

उल्टी भी करोड़ों में बिकती है
आमतौर पर उल्टी का नाम सुनते ही लोगों को उल्टी आने लगती है। किन्तु शायद आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी कि दुनिया में एक जीव ऐसा भी है जिसकी उल्टी भी करोड़ों में बिकती है और लोग उनकी उल्टी पाने के लिए दिन-रात लगे रहते हैं। अगर एक बार इस जीव की उल्टी मिल गई तो पूरी जीवन बदल जाती है और यह जीव है व्हेल मछली।

मछुआरा को मिली व्हेल की उल्टी, कीमत 25 करोड़ रुपये
कुछ ऐसी ही घटना घटी है थाईलैंड में जहां एक मछुआरा रातोंरात करोड़पति बन गया। आश्चर्य की बात यह है कि मछुआरा व्हेल मछली की उल्टी से करोड़पति बना है। कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको उम्मीद से ज्यादा कुछ ऐसा मिल जाता है जिसके बारे में सपने में भी नहीं सोचा होगा।

वजन करीब 100 किलो है
एक रिपोर्ट के अनुसार नारिस नाम का मछुआरा व्हेल की उल्टी को मामूली चट्टान का टुकड़ा समझ रहा था, लेकिन उसकी कीमत 24 लाख पाउंड (लगभग 25 करोड़ रुपये) है। इसका वजन करीब 100 किलो है। इसके साथ ही यह अब तक पाया गया एम्बरग्रीस का सबसे बड़ा टुकड़ा है।

नारिस सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को भी बताया
महीने में 500 पाउंड कमाने वाले नारिस ने कभी सोचा नहीं होगा कि जिसे वह चट्टान का टुकड़ा समझ रहा है, वह 24 लाख पाउंड का एम्बरग्रीस है। नारिस का कहना है कि एक बिजनसमैन ने उनसे वादा किया है कि अगर इसकी क्वॉलिटी बेहतर निकली तो इसके लिए उन्हें 23,740 पाउंड प्रति किलो की कीमत दी जाएगी। नारिस सुरक्षा के लिहाज से पुलिस को भी इसके बारे में जानकारी देंगे।

व्हेल इसे मुंह से उगल देती है
व्हेल की उल्टी को वैज्ञानिक भाषा में इसे एम्बरग्रीस कहते हैं। कई वैज्ञानिक इसे व्हेल की उल्टी बताते हैं तो कई इसे मल बताते हैं। यह व्हेल के शरीर से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ होता है जो कि उसकी आंतों से निकलता है और वह इसे पचा नहीं पाती है। कई बार यह पदार्थ रेक्टम के ज़रिए बाहर आता है, लेकिन कभी-कभी पदार्थ बड़ा होने पर व्हेल इसे मुंह से उगल देती है।

व्हेल के शरीर के अंदर उसकी रक्षा के लिए पैदा होता है यह पदार्थ
एम्बरग्रीस व्हेल की आंतों से निकलने वाला स्लेटी या काले रंग का एक ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील पदार्थ है। यह व्हेल के शरीर के अंदर उसकी रक्षा के लिए पैदा होता, ताकि उसकी आंत को स्क्विड की तेज़ चोंच से बचाया जा सके। आम तौर पर व्हेल समुद्र तट से काफी दूर ही रहती हैं, ऐसे में उनके शरीर से निकले इस पदार्थ को समुद्र तट तक आने में कई साल लग जाते हैं।