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घ’र में इ’स पौ’धे को ल’गाने के है अचू’क फा’यदे, घ’र परि’वार में ध’न ए’वं स’मृद्धि आ’ती है, जा’निए क’ई….

धार्मिक खबर

आ’पने अक्स’र घ’र, ऑफि’स या शॉ’प प’र लो’गों को म’नी प्लां’ट लगा’ए हु’ए दे’खा हो’गा। म’नी प्लां’ट लता’ओं वा’ला पौ’धा है, इस’का ह’रा रं’ग आं’खों को सुकू’न दे’ता है। ऐ’सी मान्य’ता है कि इ’स प्लां’ट को लगा’ने से गु’ड ल’क ब’ढ़ता है औ’र घ’र परि’वार में ध’न ए’वं स’मृद्धि आ’ती है। क’ई बा’र इ’स प्लां’ट के लगा’ने के बा’द विप’रीत प्रभा’व ब’ढ़ जा’ता है। ध’न ख’र्च ज्या’दा हो’ने लग’ता है औ’र नकारा’त्मकता बढ़’ती है। ऐ’से में वा’स्तु का म’हत्व ब’ढ़ जा’ता है। म’नी प्लां’ट वा’स्तु के अनु’सार लगा’ना चा’हिए। मी’डिया अ’ध्यात्म में आ’ज आ’पको म’नी प्लां’ट से जु’ड़ी महत्पव’पूर्ण बा’तें ब’ताने जा र’हे हैं, जि’समें वा’स्तु का भी ध्या’न र’खना म’हत्वपूर्ण हो’ता है। आ’इए जा’नते हैं इस’के बा’रे में।

1. आ’ग्नेय को’ण में ल’गाएं म’नी प्लां”ट

ज’ब भी आ’प अ’पने घ’र प’र म’नी प्लां’ट लगा’ने जा र’हे हैं तो उस’की स’ही दि’शा का चय’न क’रें। म’नी प्लां’ट को ह’मेशा आ’ग्नेय को’ण या’नी दक्षि’ण पू’र्व में ही ल’गाएंं। आ’ग्नेय को’ण के दे’व ग’णेश जी हैं, य’ह स’भी बा’धाओं को दू’र क’रते हैं। इ’स दि’शा में म’नी प्लां’ट लगा’ने से सु’ख स’मृद्धि के सा’थ ध’न में भी बढ़ो’त्तरी हो’ती है। घ’र में स’कारात्मकता का सं’चार हो’ता है।

2. ईशा’न को’ण में न लगा’एं म’नी प्लां’ट

म’नी प्लां’ट क’भी भी ईशा’न को’ण या’नी उ’त्तर पू’र्व की दि’शा में न लगा’एं। ऐ’सा क’रने से इस’का विप’रीत प्र’भाव ब’ढ़ता है। ध’न हा’नि हो’ती है, ऐ’से क’रने से आ’र्थिक हा’नि हो स’कती है त’था रि’श्तों में त’नाव आ स’कता है।

3. म’नी प्लां’ट से शु’क्र हो’ता है मज’बूत

आ’ग्नेय को’ण में म’नी लगा’ने से शु’क्र मज’बूत हो’ता है, जो व्य’क्ति के जी’वन में सु’ख, स’मृद्धि औ’र ऐ’श्वर्य का प्र’तीक है। आ’ग्नेय को’ण के प्रति’निधि शु्’क्र हैं। इ’स वज’ह से इ’स दि’शा में म’नी प्लां’ट लगा’ना उ’त्तम हो’ता है।

4. घ’र के अंद’र ल’गाएं म’नी प्लां’ट

वास्तुशा’स्त्र के अनु’सार, म’नी प्लां’ट को हमे’शा घ’र के अंद’र लगा’ना चा’हिए। भूल’कर भी इ’से बा’हर न ल’गाएं। घ’र के बा’हर ल’गाने से पौ’धा दूस’रों की निगे’टिव एन’र्जी से प्रभा’वित हो’कर सू’ख सक’ता है।

5. जि’तनी ब’ड़ी बे’ल, उत’नी स’मृद्धि

ऐ’सी मान्य’ता है कि म’नी प्लां’ट की बे’ल जित’नी ह’री-भ’री त’था ऊप’र की ओ’र जा’ती है, उत’ना ही व’ह उन्नति’कारक मा’नी जा’ती है। य’ह जि’तना फैल’ती है, उ’तना ध’न स’मृद्धि ब’ढ़ती है। इस’की बे’ल नी’चे की ओ’र न ब’ढ़े, इस’का ध्या’न र’खें। य’दि ऐ’सा हो’ता है तो व्य’क्ति का वि’कास न’हीं हो’ता है।

6. म’नी प्लां’ट के पा’स र’खें उ’चित पौ’धा

म’नी प्लां’ट को शु’क्र ग्र’ह का प्र’तीक मा’ना जा’ता है। आ’प शु’क्र के श’त्रु ग्र’हों सू’र्य, मंग’ल या चंद्र’मा के प्रती’क वा’ले पौ’धों को म’नी प्लां’ट के पा’स न र’खें।