Categories
News

फे’सबुक की म’दद से 15 सा’ल बा’द मि’ला बि’छड़ा बे’टा, पढ़ि’ए मां बे’टा की मि’लन की य’ह अ’द्भुत स्टो’री…

हिंदी खबर

नई दि’ल्ली [मनी”षा ग’र्ग]। विशाखा’पत्तनम में प’ति के सा’थ र’ह र’हीं र’मा ने 1998 में बे’टे को ज’न्म दि’या। बे’टे मित्रा’जीत के कु’छ ब’ड़े हो’ने प’र र’मा ने वका’लत की पढ़ा’ई की औ’र व’हां अ’भ्यास भी शु’रू कि’या। उन’का स’पना था कि वे सु’प्रीम को’र्ट में प्रै’क्टिस क’रें। अ’पने सप’ने को पू’रा कर’ने के लि’ए व’ह प’ति दि’लीप की मना’ही के बाव’जूद 2005 में प’ति औ’र सा’त व’र्ष के बे’टे को छो’ड़कर दि’ल्ली आ ग’ई। य’हां नौ व’र्ष त’क पटि’याला हाउ’स को’र्ट औ’र सु’प्रीम को’र्ट में अ’भ्यास कि’या औ’र ना’म कमा’या। दूस’री ओ’र परि’वार से दू’री ने उ’न्हें अंद’र ही अं’दर खो’खला क’र दि’या औ’र व’ह मान’सिक तौ’र प’र अ’स्वस्थ र’हने ल’गीं। छ’ह व’र्ष इला’ज के बा’द र’मा की मा’नसिक स्थि’ति में ज’ब सु’धार आ’या तो उन्हों’ने परि’वार के पा’स लौट’ने की इ’च्छा जा’हिर की। उ’नकी इ’स इ’च्छा को पू’री क’रने के लि’ए गै’र-सरका’री सं’स्था (एन’जीओ) रिहैबि’लिटेशन सें’टर फॉ’र हो’प ने फेस’बुक की म’दद ली औ’र बे’टे को खो’ज नि’काला।

बुधवा’र को मि’त्राजीत र’मा को घ’र वाप’स ले जा’ने पहुं’चे तो दो’नों की आं’खें न’म हो ग’ई। य’ह दृ’श्य दे’ख आस’पास मौ’जूद ह’र को’ई भा’वुक हो ग’या। मित्राजी’त ब’ताते हैं कि ज’ब उन’के दो’स्त उन’से पूछ’ते थे कि उन’की मां क’हां है, त’ब वे क’हते थे कि मां ए’क ज’रूरी का’म से दि’ल्ली ग’ई हैं का’म ख’त्म हो’ते ही व’ह लौ’ट आ’एंगी। अ’ब मां लौ’ट र’ही हैं।

सं’स्था की अ’ध्यक्ष यू’नाइस स्टीफ’न खु’श हैं कि इ’तने व’र्ष के बा’द भी परि’वार र’मा को अप’नाने के लि’ए तै’यार है। उ’नके प्रया’स स’फल र’हे औ’र ए’क मां को उस’का परि’वार, उस’का बे’टा मि’ल ग’या।

2013 में प’ता च’ला स्कि’जोफ्रेनिया से पी’ड़ित हैं

2013 में र’मा को प’ता च’ला कि उ’न्हें स्किजो’फ्रेनिया है। बी’मारी का इ’लाज क’राने के लि’ए र’मा 2013 में दिल’शाद गा’र्डन स्थि’त इहबा’स ग’ई। इला’ज के बा’द उ’न्हें 2015 में ह’रि न’गर स्थि’त नि’र्मल छा”या शॉ’र्ट स्टे हो’म में स्था’नांतरित क’र दि’या ग’या। इस’के बा’द वे रिहै’बिलिटेशन सेंट’र फॉ’र हो’प के द्वार’का स्थि’त कें’द्र प’र आ ग’ई। य’हां पां’च सा’ल के दौरा’न मेडि’टेशन व काउं’सलिंग की मद’द से उन’की हाल’त बेह’तर हु’ई औ’र इ’स बी’च उन्हों’ने परि’वार के पा’स वा’पस लौ’टने की इ’च्छा जाहि’र की।

ब’ड़ी चुनौ’ती था परि’वार को तला’शना

बी’मारी के बा’द र’मा को परि’वार के बा’रे में ज्या’दा या’द न’हीं था। ए’क दि’न बा’त ही बा’त में र’मा ने अप’ने बे’टे का ना’म मित्रा’जीत बता’या। इस’के बा’द सं’स्था ने फेस’बुक प’र मित्रा’जीत ना’म से ब’नीं प्रो’फाइलों को तला’शना शु’रू कि’या औ’र इ’न ना’म के स’भी लो’गों को र’मा के बा’रे में सं’देश भे’जा। इ’सके बा’द विशा’खापत्तनम निवा’सी मित्रा’जीत ने संदे’श का जवा’ब दि’या औ’र मां से मिल’ने आ’ए।