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रि’श्ते में दरा’र पै’दा क’र सक’ती हैं ये 5 ची’ज़े, संभ’ल जा’एं न’हीं तो ब’र्बाद हो सक’ता हैं आप’का घ’र….

हिंदी खबर

प’ति-प’त्नी के बी’च ए’क ग’हरा ल’गाव हो’ता है औ’र क’हा जा’ता है कि उन’का रि’श्ता ए’क या दो ज’न्म न’हीं ब’ल्कि सा’त ज’न्मों का हो’ता है। ले’किन क’भी-क’भी जिं’दगी में कु’छ ऐ’सी स्थि’ति आ’ती है, जि’ससे इ’स रि’श्ते को टूट’ने में थो’ड़ा सा भी स’मय न’हीं ल’गता है। ज’रा सी नास’मझी औ’र ज’रा सी लाप’रवाही दो चा’हने वा’लों को अज’नबी बन’ने प’र मज’बूर क’र दे’ती है। ले’किन रि’श्ता टू’टने से दो’नों लो’गों की जिं’दगी प’र ब’हुत अ’सर पड़’ता है। आ’इए जा’नते हैं उ’न वज’हों के बा’रे में जो आ’पके रि’श्ते में दरा’र पै’दा क’र स’कते हैं…

शा’दी से प’हले ए’क-दू’सरे की सम’झ
शा’दी त’य हो’ने के बा’द लड़’का औ’र ल’ड़की दो’नों के बी’च अ’च्छी बात’चीत बेह’द ज’रूरी है। इ’ससे आ’प ए’क-दूस’रे के स्व’भाव औ’र विचा’र के बा’रे में अ’च्छे से अव’गत हो जा’एंगे। अ’गर आ’प दो’नों के बी’च आ’पसी स’मझ हो’गी तो ता’लमेल भी आसा’नी से बै’ठ जा’एगा। ले’किन आ’ज के दौ’र में भी क’ई परि’वार ऐ’से हैं, ज’हां लड़’का औ’र ल’ड़की शा’दी से पह’ले मिल’ना तो छो’ड़ो बा’त भी न’हीं क’र स’कते हैं। इ’स वज’ह से आ’गे चल’कर आप’स में सा’मंजस्य बैठा’ने में ब’हुत परेशा’नी हो’ती है।

शा’दी के बा’द दू’री
प’ति औ’र प’त्नी दो’नों का काम’काजी हो’ना आ’ज के जमा’ने में आ’म बा’त हो ग’ई है। क’ई बा’र लो’ग ब’ड़े पैके’ज से प्रभा’वित हो’कर ए’क-दूस’रे से अ’लग हो’ने का फै’सला ले ले’ते हैं। लेकि’न इ’स दू’री से धी’रे-धी’रे रि’श्ते में भी दू’रियां आ’ने लग’ती हैं औ’र आप’सी प्या’र डगम’गाने लग’ता है। पा’र्टनर के बी’च धी’रे-धी’रे वि’श्वास में क’मी आ’ने लग’ती है।

ऑ’फिस में ज्या’दा स’मय दे’ना
ऑफि’स में ज्या’दा का’म हो’ने के व’जह से लो’ग ज्या’दा सम’य दे’ने लग’ते हैं, जि’ससे घ’र में स्थि’ति खरा’ब हो’ने ल’गती है। आ’प चा’हे बा’हर की कित’नी ही जिम्मेदारि’यां संभा’ल लें, ले’किन घ’र व प’ति को सम’य न दें तो गृ’हस्थी की गा’ड़ी डग’मगा जा’ती है। आ’पके काम’काज के बो’झ से आ’पके रि’श्ते द’म तोड़’ने ल’गते हैं। इस’लिए आ’पको घ’र औ’र ऑ’फिस दो’नों के बी’च बै’लेंस क’र च’लना चा’हिए।

ज्या’दा व्य’स्तता
हमा’री रोजा’ना की जिंदगी इत’नी व्य’स्त हो ग’ई है कि ए’क-दू’सरे के लि’ए स’मय निका’लना ह’मारे लि’ए मुश्कि’ल हो ग’या है। रि’श्तों में प्या’र को बर’करार रख’ने के लि’ए आ’प कु’छ स’मय निका’लें। आ’प चा’हे तो इ’सके लि’ए अप’ने पा’र्टनर के सा’थ क’हीं बा’हर घूम’ने जा स’कते हैं। इ’सके अला’वा रोजा’ना ए’क सा’थ सुब’ह ट’हलने जा’ने से आप’का रि’श्ता भी सेह’तमंद रहे’गा।

श’क क’रने से ब”चें
दो’स्त बना’ना को’ई ग’लत बा’त न’हीं है। आज’कल ऑ’फिस में लड़’के औ’र लड़’कियां सा’थ का’म क’रते हैं। इस’लिए अ’पने प’ति की सह’कर्मी को ले’कर क’भी श’क न पा’लें। श’क ऐ’सा की’ड़ा है, जो ए’क बा’र रि’श्ते में ल’ग गा’ए तो शा’दीशुदा जिं’दगी को ख’त्म क’र दे’ता है ले’किन सा’थ ही इ’स बा’त का भी ध्या’न र’खें कि क’हीं आ’पकी लाप’रवाही कि’सी गै’र व्य’क्ति को आ’पके दां’पत्य में सें’ध लगा’ने की आजा’दी न दे दे।