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शादी के बाद महिलाओं को भूल सें भी नही पहननी चाहिये ये तीन चीजें, नही तो…👇

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अ’नजाने में हम’पर असर डाल’ती हैं कुछ ऐसी चीज़े, जो हम अपने जीवन में उतारते हैं। हम जाने अनजाने में कुछ काम ऐसे कर देते हैं, जिसका अस’र हमारे जी’वन पर प’ड़’ता है। ऐसी ही कुछ बातें है जिन्हें शादी के बाद वि’वा’हित महिलाओं को ध्यान में रखनी चाहिए।

काले रंग की चूड़ी

काले रंग को नका’रात्मक’ता का प्रती’क माना जाता है। अपने देखा होगा काले रंग के कपडे पहनकर किसी भी पूजा पाठ में शामिल नहीं होने दिया जाता है। इस रंग की चूड़ी पहनना भी बहुत अ’शुभ माना जाता है। चूड़ियां एक महिला के श्रंगा’र का हिस्सा है, ऐसे में काले रंग की चूड़ी धा’रण करना पति और संतान को परे’शानि’यों में डाल सकता है।

सफ़ेद रंग की साड़ी

हिन्दू धर्म मे सफ़ेद साड़ी को अशुभ माना जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार जब कोई स्त्री विधवा हो जाती है, तब वह सफेद साड़ी धारण करती है। इसीलिए एक सुहागन स्त्री को कभी भी सफ़ेद साड़ी नहीं पहननी चाहिए। परन्तु आजकल फैशन के चलते कई महिलाये सफ़ेद साड़ी पहनती है, ये सही नहीं है। ऐसा बताया जाता है कि एक सुहागन स्त्री के सफ़ेद साड़ी पहनने से उसके वैवाहिक जीवन में त’नाव उत्पन्न होने लगता है।

सोने की बनी पायल

आज के समय में कई महिलाएं सोने की बनी पायल और बिछियां पैरो में पहनने लगी है। लेकिन यह सही नहीं है, सोने को कभी भी पैरो में धारण नहीं करना चाहिए। क्योंकि धन के देवता कुबेर इससे नाराज हो जाते है, सोने के संबंध में मान्यता है कि सोने को सिर्फ कमर से ऊपर के भाग में ही धारण किया जाता है। स्वर्ण को पैरो में धारण करने पर घर में द’रिद्र’ता आने लगती है और महिला के पति की तरक्की भी रुकने लगती है।