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बिहार :: 30 हजार का वेतन चाहिए, गरीबों वाला मुफ्त अनाज भी चाहिए तो जानिए क्या है पूरी कहानी

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बांका, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के संकट काल में भी कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। गरीबों को राशन नहीं मिल रहा है, लेकिन 30 हजार वेतन और बिजली विभाग में नौकरी करने वाले को भी मुफ्त में अनाज चाहिए। यह शिकायत बांका जिला के विभिन्न प्रखंडों से मिली है।
जब कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन द्वारा इसके लिए हेल्पलाइन से लेकर नोडल पदाधिकारियों तक की नियुक्ति की गई। पर कुछ स्थानों पर अभी तक गरीबों को अनाज नहीं मिला है। विजयनगर की वृद्धा नंदनी देवी को राशन नहीं मिल रहा है। डीलर द्वारा तकनीकी फॉल्ट बताया जा रहा है। इस कारण वृद्धा को इस कोरोना संकट में एक छटांक अनाज नहीं मिला है। एमओ तक मामला गया, पर निदान नहीं हुआ है। दूसरी ओर उनके मुहल्ले के कुछ नौकरीपेशा लोगों को अनाज मिल रहा है। ऐसी शिकायत कई स्थानों से मिली है।
बाराहाट प्रखंड में अभी भी हजार से अधिक लोगों के बीच राशन नहीं बंटा है। रजौन में राशन बांटने गए एक डीलर को कामगारों ने चार घंटे तक बंधक बना लिया। जबकि घटतौली में एक दर्जन से अधिक डीलरों पर कार्रवाई हुई है। कुछ काईवाई की जद में है। इसके बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। डीएम ने बताया कि व्यवस्था में सुधार की जा रही है।
वैसे, नये राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। पर गरीबों को देखने वाला कोई नहीं है। डीएम सुहर्ष भगत ने कहा कि सभी पात्र लोगों को राशन मिले। इसके लिए नोडल पदाधिकारी तक की नियुक्ति की गई है। 88 हजार क्विंटल से अधिक का अनाज गरीबों में बंट गया है। इसके बाद भी कुछ स्थानों पर जरूरतमंदों को राशन नहीं मिला है