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UN महा’सभा में कश्’मीर का मु’द्दा उठाने पर भारत ने पाकि”स्तान को आड़े हाथ लिया

हिंदी खबर

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनि”धि, राजदू’त टी एस तिरु’मूर्ति ने ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्”तान के प्रधान’मंत्री का बया”न एक और कूटनी’ति गिरा”वट है। एक और झू’ठ का पुलिं’दा, निजी हमले और पाकि’स्तान के अल्पसं’ख्यकों पर अत्या’चारों और सीमा-पार आतं’कवाद को छिपाने का प्रया”स है।’’

संयु’क्त राष्ट्र महा’सभा के 75वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधा”नमंत्री इमरान खान ने अपने पहले से रिकॉर्ड किये वीडियो संबो’धन में जम्मू-कश्’मीर समेत भारत के आतं”रिक मा”मलों का जि’क्र किया था।

जब खान के संबो’धन में भारत का जिक्र आया तब संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव मि’जितो वि’नितो महा”सभा हॉल से बाह”र चले गए थे।

तुर्की को दिया दो टूक जवाब

भारत ने संयु’क्त राष्ट्र महास’भा की उच्च स्त’रीय चर्चा में जम्मू-कश्मीर पर की गई तु’र्की के राष्ट्र”पति रजब तैयब एर्दो”आन की टिप्पणि’यों को ‘‘पूरी तरह से अस्”वीकार्य’’ बताते हुए कहा कि अंका”रा को दूसरे देशों की सम्प्र”भुता का सम्मा’न करना चाहि’ए और अपनी खुद की नी”तियों पर गहरा”ई से विचार करना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रति”निधि टी. एस. तिरु”मूर्ति ने मंगल”वार को ट्वी”ट किया, ‘‘ हमनें भारत के केन्द्र शा”सित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पर तुर्की के राष्ट्रपति की टिप्प”णियां सुनी। वे भारत के आंत”रिक माम”लों में व्यापक हस्त”क्षेप करने वाली हैं और यह पूरी तरह से अस्वी”कार्य हैं। तुर्की को अन्य देशों की सम्प्रभुता का सम्मान करना चाहिए और अपनी खुद की नीति”यों पर गहराई से विचार करना चाहिए।’’

संयुक्त राष्ट्र महा’सभा के 75वें सत्र में आम चर्चा में अपने रिकॉर्डेड संदेश में एर्दो””आन ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा था कि कश्~मीर का मुद्दा, ‘‘जो दक्षिण एशिया की स्थिरता और शां~ति के लिए भी महत्व”पूर्ण है, वह अब भी एक ज्व’लंत मु”द्दा है। जम्मू-क’श्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के लिए उठाए गए कदमों ने इस सम’स्या को और बढ़ा दिया है।’’
उन्होंने कहा कि तुर्की ‘‘ संयुक्त राष्ट्र प्रस्ता’वों के मसौ’दों के तहत और विशेष रूप से क’श्मी’र के लोगों की अपे’क्षाओं के अनुरूप, बातचीत के जरिए इस मा’म’ले को हल करने के प’क्ष में हैं।’’

भारत कश्’मीर मामले पर तीसरे पक्ष के हस्त’क्षेप को लगा’तार खा”रिज कर”ता रहा है और उस”का कहना है कि भारत-पाकि”स्तान संबंधों से जुड़े सभी लंबि”त मामले द्विप”क्षीय रूप से हल किए जाने चाहिए।