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डीए’सपी के लिए चाय लेने गए थे कांस्टे’बल श्याम, जब लौटे तो बन गए एस’डीएम,सभी ने बधाई…

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आज हम आपको एक ऐसी क’हानी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सु’नने के बाद आप कहेंगे कि वाह क्या कि”स्मत है। जी हां आज के समय में ऐसा बेहद ही कम लोगों के साथ होता है। दरअस”ल आपको बता दें कि जिसके बारे में हम बात कर रहे हैं उनका नाम श्याम बाबू है जो कि पुलि’स में हैं। हुआ ये कि ये एक दिन अपने डिप्टी एस’पी के लिए चा’य लाने जा रहे थे और उसी बीच कुछ ऐसा हो गया कि वो एस’पी से SDM बन गए।

जी हां दरअ’सल ये कहानी यूपी के ब’लिया जिले की है जहां श्याम बाबू ने पीसीएस-2016 में 52वीं रैंक हासि’ल की और इसके बाद 12वीं पास करने के बाद 14 साल से पु’लि’स विभाग में बतौर कॉ’न्स्टे’:बल पदस्थ श्याम बाबू प्रयागराज हेडक्वा”र्टर में तैनात हो गए इतना ही नहीं इन्होने कॉन्स्”टेबल रहते हुए ही अपने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजु”एशन की पढ़ाई भी पूरी की और तो और बताया जा रहा है कि श्याम बाबू ने 10 साल पहले यूपी-पीएससी की तैया’री शुरू की थी जिसके बाद साल 2013 में इसको लेकर वो थोड़े सीरि’यस हुए और छह बार के प्रयासों के बाद वे अब एस’डीएम बने हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि ये चाय लाने के दौरान एसडीअम कैसे बन गए तो बताते चलें कि जब चाय लेने जा रहे थें उसी दौरान यूपीपीएससी का रिज़ल्ट आ गया। मो”बाईल पर चेक किये। चाय लेकर डिप्टी एसपी साहब के पास पहुँचे। डिप्टी एसपी साहब की टेबल पर चाय रख कर बताये – ‘साहब मैं SDM हो गया हूँ। रिज़ल्ट आ गया है।’ डिप्टी एसपी साहब तुरन्त खड़े हो गए। सेल्यूट किये। मेज से चाय उठाये और इन्हें पिलाने लगे।

उनसे जब पीसीएस-2016 में श्याम बाबू से पुलिस की इमेज को लेकर सवाल किए गए। इस पर वो कहते हैं, कि ‘पुलि”स के प्रति एक धारणा बनी हुई है। उसे आने वाली पीढ़ी तोड़ रही है। गांवों में कहा जाता है कि पु”लिस में है तो इधर-उधर का पै”सा कमाता होगा। पु”लिस और ग्रामीण जनता के बीच दूरियां बहुत हैं, इसे दूर करना चाहिए।’इस एग्जाम के बाद श्याम बाबू का इंटर”व्यू करीब 25 मिनट चला। इस दौरान उनसे कई सवाल किए गए। ये जानकारी उन्होने खुद मीडि”या से साझा की है।