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जे’ल जायँगे स’लमान खा’न, को’र्ट ने जो कहा उसे सुनकर उड़ जाएगी नींद….👇

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स’लमा’न खा’न का नाम एक बार फिर सु’र्खि’यों में आया है। ये ख’बर जुड़ी है 22 साल पु’राने का’ले हि’रण शि’का’र और आ’र्म्स ए’क्ट मा’मले से।

जिस मा’मले पर सो’मवार को जो’धपु’र जिला को’र्ट में सु’नवा’ई की गई। सु’नवा’ई में अ’दाल’त की त’र’फ से फै’स’ला आया कि, अब इस के’स में 28 सि’तंबर से ब’ह’स शु’रू होगी।

ये काफी पु’राना के’स है जिसमें स’लमा’न खा’न को अभी तक छु’टका’रा नहीं मि’ल स’का है। हालां’कि का’ला हि’रण शि’का’र मा’मले जु’ड़े एक अन्य मा’मले में स’लमा’न खा’न को को’र्ट की तर’फ से रा’ह’त मिल चुकी थी। ले’किन अब अ’दाल’त के आ’दे’श अ’नुसार उन्हें ए’क बार फि’र से को’र्ट में पे’श हो’ना होगा। इस बा’र उ’न’की तर’फ से उन’के व’कील ह’स्तीम’ल सा’रस्व’त उ’पस्थित रहे। इस मा’मले में स’लमा’न की ओर से पूर्व में हा’जिरी मा’फी दी हुई थी।

स’लमा’न पर ए’क्सपा’यरी डेट ला’इसें’स वाला हथियार रखने का

स’लमा’न पर ए’क्सपा’यरी डे’ट ला’इसें’स वाला ह’थि’यार र’ख’ने का आ’रो’प भी था। जिस मा’म’ले में सं’देह के आ’धा’र पर उन्हें ब’री कर दिया गया था। स’ल’मान खा’न पर आ’रो’प है कि उ’न्होंने साल 1998 में का’ले हि’र’ण शि’का’र मा’म’ले के दौ’रान जो अपने ह’थिया’र के ला’इसें’स के गु’म हो जाने का श’पथ प’त्र दा’यर किया था, वो झू’ठा नि’कला। इसी मा’म’ले में को’र्ट ने आ’ज अपना फै’स’ला सु’नाया और स’लमा’न पर एक अन्य के’स च’ला’ने से इं’का’र कर दिया है।

इ’सके अ’ला’वा अ’गर दो सा’ल पहले या’नि 5 अप्रैल 2018 के स’मय की बा’त की जाये तो, तब नि’च’ली अ’दालत ने 1998 के का’ला हि’र’ण शि’का’र मा’म’ले में स’लमा’न खा’न को दो’षी ब’ता’ते हुए पाँ’च साल की स’जा सु’ना’ई थी और 10 ह’जा’र रु’पए का जु’र्मा’ना ल’गा’या गया था। जबकि उनके साथ बाकी क’ला’कार जिसमें सै’फ अ’ली खा’न, नी’लम, सो’नाली और त’ब्बू के नाम शा’मिल थे।

जिन्हें स’ल’मान का स’ह’आ’रोपी ब’ताया जा रहा था, को सं’देह का लाभ देते हुए ब’री कर दिया गया था। इन सबके ऊ’पर सं’रक्षित का’ले हि’र’ण का शि’का’र करने का आ’रोप था। लेकिन ब’कियों को तो सं’देह का ला’भ मि’ल गया। दर’अस’ल, स’लमा’न खा’न के अ’ला’वा इन बा’की क’लाका’रों पर स’लमा’न को शि’का’र के लिए उ’कसा’ने का आ’रो’प लगा था। सा’ल 1998 में यह सब जो’धपु’र में फि’ल्म ‘ह’म सा’थ सा’थ हैं’ की शू’टिं’ग कर 

था। जिस मामले में संदेह के आधार पर उन्हें बरी कर दिया गया था। सलमान खान पर आरोप है कि उन्होंने साल 1998 में काले हिरण शिकार मामले के दौरान जो अपने हथियार के लाइसेंस के गुम हो जाने का शपथ पत्र दायर किया था, वो झूठा निकला। इसी मामले में कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया और सलमान पर एक अन्य केस चलाने से इंकार कर दिया है।

इसके अलावा अगर दो साल पहले यानि 5 अप्रैल 2018 के समय की बात की जाये तो, तब निचली अदालत ने 1998 के काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को दोषी बताते हुए पाँच साल की सजा सुनाई थी और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था। जबकि उनके साथ बाकी कलाकार जिसमें सैफ अली खान, नीलम, सोनाली और तब्बू के नाम शामिल थे।

जिन्हें सलमान का सहआरोपी बताया जा रहा था, को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। इन सबके ऊपर संरक्षित काले हिरण का शिकार करने का आरोप था। लेकिन बकियों को तो संदेह का लाभ मिल गया। दरअसल, सलमान खान के अलावा इन बाकी कलाकारों पर सलमान को शिकार के लिए उकसाने का आरोप लगा था। साल 1998 में यह सब जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग कर