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आखिर समलैं’गिक क्यो बनती है औरतें वजह जान कर आपका दिमाग हिल जाएगा!जरूर पढ़ें…

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सम’लैंगिक क्यों बनती हैं औरतें

समलैं’गिक जिन्हें हम अंग्रेजी में लेस्बि’यन कहते हैं, इनको समाज में बहुत बुरी नज़र से देखा जाता हैं. कुछ लोग इन्हें वैश्’य्या कहते हैं, कोई इन्हें पाग’ल तो कोई इन्हें ले’स्बियन मतल’ब जिन्हें मर्द अ’च्छे नहीं लगते. ले’किन क्या आपको पता हैं की लड़’कियां क्यों बनती है समलैं’गिक?

इस समाज में हर दोस्ती को बुरी नजर से देखा जाता है. चाहे लड़का लड़’की की हो यह लड़की लड़की की या एक ल’ड़के का एक ल’ड़के के साथ. अगर दो लड़कि’यां अपना पूरा जी’वन एक दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं, तो स’माज समलैं’गिक के नाम से बद’नाम करता है.

सम”लैंगि”’क्ता की शुरु”’आत

क्या आपको पता है कि एक औरत समलैं”गिक क्यों और किन कार’णों से बनती हैं? भा’रत में सारे रीती रिवाज की जिम्’मेदारी एक औ’रत के कंधो पर डाली गई. जैसे कि यह पूरी दुनिया सिर्फ उस एक औरत की है, बाकि पुर”षो की नहीं.

एक लड़की का बच’पन उसके घर से सुरु होता हैं कहते हैं एक ब’च्चे की माँ उसकी पहली टीचर होती हैं और पिता उसका रक्ष”क बच्चा चाहे गुनाहगार बने बदमाश बने अच्छा इंसान बने नमी बने यह सब शुरुआत होती है. उसके घर से वह अपनी माता पिता से जैसे सीखता हैं वैसा करता जाता हैं

अकसर देखा हैं पति पत्’नी हमेशा अपने ब’च्चो के सामने लड़ा’ई झग’ड़ा गाली गलोच करने लगते हैं एक दूर के साथ चीखना चिल्लाना उनकी आदत से बन जाती हैं उनको उस समय यह नहीं दिखाई देता हैं की हम एक नादाँ बच्ची के सामने झग’ड़ा करंगे तो इस पर क्या प्रभाव होगा

कई बार सुन’ने को यह खबरो मैं सुनने को मिलता हैं की कोई ब’च्ची अपने घर मैं अपने परिवार के किसी सदस्य के द्वारा शोषित की गई जब किसी नन्हि सी जान की साथ आप ऐसा बर्ताव करोगे तो उसे केसा लगेगा उसी समय से एक बच्ची की मन मैं पुरू’षों के प्रति नफ़’रत पन’पने लगती हैं

एक लड़”की को समलें”गिक बनने का कारन माता पिता के बिच का अलगाव भी होता हैं आजकल शादी का टूटना आम बात हो चुकी हैं मगर इसका असर पड़ता हैं उन नन्ही बची पर जिसने अभी कुछ देखा भी नहीं हैं एक बच्ची को माँ और बाप दोनों की प्यार की ज”रुरत होती हैं मगर दोनों के अलगाव का शिकार कोई और होता हैं

जिस घर मैं बचो के सामने उनकी माँ के साथ मारपीट होता हैं उसे प्रडति किया जाता हैं उसके साथ जानवरो की तरह सालूक किया जाता हैं तो इसका प्रभाव बचो मैं बहुत ज्यादा पड़ता हैं उन्हें यह भय रहता हैं की जैसे मेरे माँ के साथ हो रहा हैं क्या मेरे साथ भी होगा

जो औरत सिंगल पेरें”ट्स होते हैं उनकी लडकिया समलेगी”तका का शिकार ज्यादा होती हैं उसे बचपन मैं न माँ का प्यार पूरा मिलता हैं न पिता का बस बड़े होने पर इन्हें इसी प्यार की तलाश होती हैं

अपने माँ के होते हुए अगर एक बच्ची का पिता किसी और औरत के साथ सम्बन्ध रखता हैं और वह अपनी पत्नी को दोखा देता रहता हैं तो इसका असर भी बच्ची पर पड़ता है उसी पुरुष नाम की चीज़ से घिन होने लगती हैं

जिस लड़की के साथ मर्द केवल शा”रीरक तौर से जोड़ना पसंद करते हैं उसे सिर्फ इस्तमाल करके फेक देना चाहते हैं बस अपने सरीर के लिए उस लड़की का इस्ते”माल करते हैं फिर उसे पैसा या मेंहगी गिफ्ट देकर माना लेते हैं उसकी फीलिं”’ग की कोई कदर नहीं करता

अगर इस समाज मैं एक लड़”की गलत होगी तो लोग सभी लड़कियों को गलत समझने लगते हैं कोई लड़की किसी लड़के से सच्चे मन से प्रेम करती हैं मगर उसे उसके बदले दोख मिलता हैं तो एक लड़की का लड़के से विस्”वास टूट जाता हैं

सम्लेंगि”गता केवल सरीर का प्यार नहीं होता हैं बल्कि दो ऐसी जिंदगी जो एक ही वर्ग की हैं अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीना चाहती हैं हैं उन्हें लगता हैं की एक जिंदगी जीने के लिए हमें जरुरी नहीं हैं की वह जिंदगी एक पुरुष के साथ बिताये

समलें”गिक लड़कियों को कभी अपने रिस्ते के बिखरने का डर नहीं होता हैं उन्हें यह भय नहीं होता की यह मुझे छोड़कर चली जाएगी यह मुझे दोख दे देगी क्यकि एक लड़की की फीलिंग्स एक लड़की ही सम”झती हैं इसलिए वह इस रिस्ते से खुश रहती हैं