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मोदी को बढ़ी टेंशन, डोकलाम के नजदीक ची’न ने उतारे ल’ड़ाकू विमान…

हिंदी वायरल खबर

पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ने के साथ ही चीन ने भूटान के डोकलाम क्षेत्र के करीब स्थित पीपुल्स लिब’रेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) के आधार ल्हासा गोंगगर हवाई अ’ड्डे पर बुनियादी ढांचे को काफी उन्नत किया है।

सामरिक रूप से स्थित इस एयरबेस पर उ’पग्रह से ली गई तस्वीरों से पता चलता है कि चीनी ने इसे अपग्रेड किया है और नए विमान आ’श्रयों का निर्माण किया है। उन्नत एयरबेस पर पहले की तुलना में अधिक लड़ाकू जेट खड़े किए जा सकते हैं, जो दुश्’मन के मिसाइलों और बमों से अपने लड़ाकू विमानों की रक्षा करेंगे।

भारतीय और चीनी सै’नि’कों के बीच डोक’लाम में 2017 में एक ग’तिरोध हुआ था, जब यहां पर चीन ने क्षेत्र में एक सड़क बनाने की कोशिश की थी। भारतीय सैनिक चीनी निर्माण रोक दिया था, क्योंकि यह भूटानी क्षेत्र में था।

चीनी भी अपने Ngari Gunsa Airbase में बुनियादी ढांचे का उ’न्नय,न कर रहे हैं। पैंगोंग झील से सिर्फ 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बेस में पिछले कुछ महीनों में नई निर्माण गतिविधि देखी गई है।

15 मई को सैटेलाइट इमेज, ट्विटर पर एक ओपन सोर्स इंटेलि’जेंस हैंडल द्वारा पोस्ट की गई, जो अप्रैल 2020 से रनवे के समा’नांतर एक बड़े क्षेत्र में निर्माण दिखाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह “दूसरा ट्रैक या सेकेंडरी टर’मैक” हो सकता है।

यहां पर कम से कम चार PLAAF फाइटर जेट्स, संभवतः J-11s या J-16s (रूसी सुखोई 27 के घरेलू स्तर पर निर्मित वेरिएंट) को आधार पर देखा जा सकता है। Ngari Gunsa में यह तैनाती पहली बार दिसंबर 2019 में देखी गई थी।

रिपोर्टों में कहा गया है कि चीनी ल’ड़ा’कू विमान हॉटन और गरगांसा में हवाई ठिकानों से लद्दाख में हमारे क्षेत्र से 30-35 किलोमीटर दूर उड़ रहे हैं। शिनजियांग में ल’द्दाख के उत्तर में स्थित PLAAF के प्रमुख ठिकानों में से एक हॉटन एयर स्टे’शन पर क्षे’त्र में चीन की बढ़ी हुई तैनाती दिखाई दे रही है।