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एक बार फिर दिखा शिवपाल सिंह यादव का ‘साईकिल प्रे’म’ हरी झं’डी दिखाकर साईकिल यात्रियों..

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साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरु हुई अनबन के बाद एक समय ऐसा भी आया जब शिवपाल सिंह यादव ने साईकिल के दामन को छोड़कर खुद की पार्टी बनाई. पार्टी बनाने के बाद भी उनका साईकिल प्रेम नहीं छूटा इसलिए वो कई मौके पर समाजवादी लोंगो के एक होने की बात कर चुके हैं. लेकिन इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव चु’प्पी साधे हुए हैं.

उधर शिवपाल सिंह यादव ने भी बे:रो’ज’गारी के मु’द्दे पर लखनऊ से दिल्ली तक की साईकिल यात्रा का एलान किया था. जिसका उन्होंने आज यानि बुधवार को हरी झंडी दिखाकर साईकिल यात्रियों को रवाना किया. ये 26 सितंबर को दिल्ली पहुंचेगी.

प्रग’ति’शील समाजवादी पार्टी लोहिया और समाजवादी पार्टी के बीच बढ़ती नज’दीकि’यों को देखकर ये कहा जा सकता है कि अगर प्रसपा नेता और कार्यकर्ता साइकिल के दामन को थाम लें तो इसमें किसी प्रकार का संकोच नहीं करना चाहिए.

पार्टी की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार अवध प्रताप ओझा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक दल बुधवार को शिवपाल सिंह यादव के हरी झंडी दिखाने के बाद रवाना हुई. साईकिल यात्री लखनऊ से चलकर उन्नाव, औरेय्या, इटावा के रास्ते शिकोहाबाद, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ होते हुए बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा परी चौक से चलकर इंडिया गेट दिल्ली पहुंचेगा.

इस साईकिल यात्रा का मकसद देश और प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी और छात्र समस्याओं की ओर सरकारों का ध्यान आकृष्ट करना है. पार्टी की ओर कार्यकर्ताओं को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि कुछ सालों पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से राष्ट्रीय युवा नीति को मंजूरी दी गई थी.

इसका एकमात्र उद्दे’श्य युवा वर्ग की क्षमता और दक्षता को हासिल करने के लिए सशक्त बनाना था, कहा कि इस समय ये दावा किया गया था कि आर्थिक नी’तियों के कारण भारत बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहा है लेकिन आज की हकीकत को देखकर लगता है कि पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा बेरो’जगारी बढ़ी है. अब तक 12 करोड़ लोगों की नौकरी जा चुकी है.

साइकिल संदेश यात्रा

16 सितंबर – लखनऊ से उन्‍नाव

17 सितंबर – उन्‍नाव से रनिया

18 सितंबर – रनिया से औरैया

19 सितंबर – औरेया से इटावा

20 सितंबर – इटावा से शिकोहाबाद

21 सितंबर – शिकोहाबाद से आगरा

22 सितंबर – आगरा से मथुरा

23 सितंबर – मथुरा से अलीगढ

24 सितंबर – अलीगढ से बुलंदशहर

25 सितंबर – बुलंदशहर से परीचौक

26 सितंबर – परीचौक से इंडिया गेट