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इस दिन से शुरू हो रहे है मलमास, जानिये किन तिथियों मे करे शुभ कार्य, और खरीददारी….👇

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मलिन मास या खर मास शुभ कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है. लेकिन पूरे महीने शुभ कार्यों पर प्र’ति’बं’ध नहीं होता है.

आश्विन माह की शुरुआत के साथ ही पितृपक्ष भी लग चुका है. आश्विन या मलमास 18 सितंबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक रहेगा. 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएंगे. 26 अक्टूबर को दशहरा और 14 नवंबर को दीपावली है. 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी है. पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि का कार्यभार दोबारा से संभालते हैं. इसी दिन से चातुर्मास का समापन होता है. इस समय कोई भी खरीददारी जैसे घर, मकान, शादी विवाह की खरीददारी करना शुभ नहीं माना जाता है. इस दौरान घर बनवाना या घर से सम्बंधित किसी सामान की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए. खरमास में मुंडन, नामकरण, शादी से सम्बंधित कोई भी कार्यक्रम नहीं करना चाहिए.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मलिन मास या खर मास शुभ कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है. लेकिन पूरे महीने शुभ कार्यों पर प्र’तिबं’ध नहीं होता है. खरमास में विवाह से जुड़ी चर्चा, विवाह की सहमति, पहले से आरंभ किए गए कार्यों का समापन, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, वाहन की बुकिंग, ब्याना, सरकारी कार्य, पढ़ाई, शिक्षण संस्थान में एडमिशन, सामान्य दिनचर्या या दैनिक व्यवस्था के कार्य आदि किए जा सकते हैं.

खर मास में पड़ने वाले शुभ तिथियां

खर मास में कुछ तिथियां बेहद शुभ हैं जिनमें आप खरीददारी कर सकते हैं. 18 सितंबर, शुक्रवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है, यह बेहद मंगलकारी माना जाता है. 21, 26 सितंबर और अक्टूबर में 1, 2, 4, 6, 7, 9, 11 को सर्वा’nhर्थसि’द्धि योग है. माना जाता है कि इस योग में कोई भी काम शुरू करने अपर सफलता जरूर मिलती है. 19 व 27 सितंबर को द्वि’पुष्कर योग है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में कोई भी कार्य करने पर दोगुना फल मिलता है. 2 अक्टूबर को अमृ’तसि’द्धि योग है.