Categories
News

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बढ़ाई बीजेपी में मुस्लिम नेता नकवी और हुसैन की परेशानियॉ!! उठा सकते ये बड़ा कदम👇👇

खबरें

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से ज’फरु’ल इ’स्ला’म को राज्यसभा भेजकर सबको चौका दिया है. सब यह जानने को आतुर हो रहे थे कि जो पार्टी लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक मु’स्लि’म उम्मीदवार उतारने से बचती रही हो आखिर उसने मु’स्लि”म चेहरा ज’फरुल इ’स्लाम पर राज्यसभा में दांव क्यों लगाया?

बाद में पब्लिक डोमेन में यह खबर आई कि ज्योतिराज सिंधिया से रिश्ता काम कराने में ज’फरुल इ’स्ला’म का ही हाथ था. ऐसे में उन्हें उनके ईनाम की पहली किस्त का भुगतान हुआ है. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा बेचैनी पार्टी के परंपरागत मु’स्लि’म चेहरों मु’ख्ता’र अ’ब्बास न’कवी और शाह’नवा’ज हु’सै’न को बताई जा रही है. जो लंबे समय से पार्टी के यह दुख मु’स्लि’म चेहरे बने हुए हैं.

बीच में पार्टी एमजे अ’कबर और न’ज’मा हेपतुल्ला को भी लाई. लेकिन यह लोग मुख्यधारा में आने में अपने को स्थापित ही नहीं कर पाए. जहां एमजे अकबर मी टू पर फंसकर हाशिए पर चले गए. तो नजमा हेपतुल्ला 75 प्लस की नीति के तहत राज्यपाल बन गई. जबकि शा’हनवा’ज हु’सै’न के लोकसभा चुनाव हार जाने के बाद से पार्टी में उनके समीकरण बिगड़ चुके हैं.जफरुल इ’स्लाम के बाद भी अब और पिछड़ सकते हैं.

जफरुल इस्लाम हाई प्रोफाइल और बैकग्राउंड से तो आते ही हैं. शीर्ष नेतृत्व से भी उनकी नजदीकियां किसी से छिपी नहीं हैं. उनके लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि है.तो फिर उसमें उनका मुस्लिम नेताओं पर भारी पड़ना तय माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि अभी तो यह शुरुआत हुई है. वह जल्द ही कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं. यही बात मुख़्तार अब्बास नकवी को अब बहुत ज्यादा परेशान किए हुए हैं.