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ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर भारत सरकार ने बनाया नया नियम!अब से इन लोगो के नही बन पाएंगे लाइसेंस👇👇👇

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ड्राइविंग करना तो सबका शौक होता है आपको जैसे ही गाडी चलाना आ जाती है आप वैसे ही अपना ड्राइविंग लाईसेंस अप्लाई कर देते है लेकिन वाही कुछ लोग ओसेसे भी होते है जो अपना ड्राइविंग लाईसेंस पाने के लिए बेचोलिये की मदद लेते है और ये बिचोलिये बिना किसिस टेस्ट के इन्हें इनका ड्राइविंग लाईसेंस प्रोवाइड करवा देते है !

लेकिन अब यातायात परिवहन विभाग ने बड़ा फेरबदल किया है अब आपको अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो इसके लिए आपको गाड़ी चलाना भी आना चाहिए। जी हां, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में जल्द ही इंदौर की तर्ज पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर बनेगा। जिससे उन लोगों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेंगे जिन्हें गाड़ी चलाना आता होगा। अभी तक जो भी दलाल के माध्यम से लाइसेंस बनवाने पहुंचता था उसे गाड़ी चलाकर दिखाने की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

दलालों से मिलेगी राहत

जिले में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में जाना होगा। यहां पर लाइसेंस बनवाने वाले व्यक्ति को इसी आधुनिक ट्रेक पर ही वाहन चलाना होगा। अगर आपका वाहन जरा भी ट्रेक को छुआ या बाहर आया, तो अकुशल मानकर लाइसेंस प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया से एक ओर अपात्र व्यक्ति का लाइसेंस नहीं बन सकेगा, वहीं दलालों के चंगुल से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी।

वहीं लोग ड्राइविंग टेस्ट के लिए ऑनलाइन ही अपाइंटमेंट लिया जा सकेगा और स्टेटस की जानकारी भी कभी भी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही साथ अब लोगों के लर्निंग लाइसेंस लेने के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगा। सीधे घर पर ही आपका लाइसेंस पहुंच जाएगा।

बढ़ गई है वाहन के रिन्यूवल की ताऱीख

मध्यप्रदेश सरकार ने वाहन के रिन्यूवल की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020 तक के लिए बढ़ा दी है। जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस परमिट, पंजीयन प्रमाण पत्र सहित अन्य वाहनों के दस्तावेज शामिल हैं। इस बारे में परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने आदेश जारी किए हैं। अब दिसंबर महीने तक वे लोग चालान से बच सकेंगे जिनके दस्तावेज रिन्यूवल नहीं हो पाए हैं। हालांकि 31 दिसंबर तक हर हाल में ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस परमिट, पंजीयन प्रमाण पत्र बनवाना होगा।