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कोरोना के बीच दिल्ली की तरफ से आ रही बड़ी आफत, UP के कई जिलों में अलर्ट…..कई जिलों मे हुआ हमला !!

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सोमवार को राजधानी दिल्ली में जयपुर को प्रभावित करने वाले रेगिस्तानी टिड्डों का झुंड बढ़ सकता है। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर हवा की गति इन टिड्डियों के लिए अनुकूल रहती है तो इनका झुंड तेजी से दिल्ली की ओर बढ़ सकता है। इसे लेकर राजधानी में अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। बता दें कि टिड्डियों से इस वक्त गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और जस्थान जैसे राज्य में प्रभावित हैं।

पहली बार अप्रैल में देखे गए टिड्डे

आम तौर पर, रेगिस्तानी टिड्डे जून से नवंबर महीने के बीच पश्चिमी राजस्थान और गुजरात जैसे राज्य में देखे जाते हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हें अप्रैल महीने में देखा जा रहा है। आमतौर पर टिड्डे एकांत में या फिर छोटे समूह में रहते हैं, लेकिन इस बार उनका झुंड असामान्य है।

टिड्डियों के झुंड से गंभीर प्रभावित हो सकता है दिल्ली

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एंटोमोलॉजिस्ट का कहना है कि शहर क्षेत्र होने के बाद भी टिड्डियों के झुंड से दिल्ली काफी प्रभावित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली का 22 फीसदी क्षेत्र ग्रीन कवर होने की वजह से टिड्डियों का खुराक बन सकता है।

एलडब्ल्यूओ के उपनिदेशक केएल गुर्जर ने सोमवार को कहा कि अगर हवा की गति और दिशा दोनों टिड्डियों के लिए अनुकूल रहती है तो अगले कुछ दिनों में इनका झुंड दिल्ली की ओर बढ़ सकता है। आज तक हवा की गति उन्हें उत्तर दिशा की ओर ही ले गई है।

IMD को निगरानी करने के लिए कहा गया

जहां पर टिड्डियों के पहुंचने की संभावना है, वहां पर भारतीय मौसम विभाग (IMD) को कृषि मंत्रालय के पूर्वानुमान की मदद करने के लिए मौसम संबंधी स्थितियों की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। IMD के मुताबिक, हवा की दिशा इस वक्त अनुकूल है और मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम की ओर है।

यहां मिल सकती है टिड्डियों को उनकी खुराक

वहीं यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क के एक एंटोमोलॉजिस्ट मोहम्मद फैसल का कहना है कि भले ही उसके पास कृषि क्षेत्र बहुत कम हो, लेकिन दिल्ली में इससे काफी नुकसान हो सकता है। टिड्डों का झुंड रेगिस्तान में सर्दियों के बाद, भोजन की कमी की वजह से बाहर आए हैं। जयपुर में हरे भरे स्थान है, जिनमें पार्क भी शामिल है, जहां पर इन्हें खुराक मिल सकती है।

दिल्ली के हरे भरे स्थान होंगे प्रभावित

उन्होंने कहा कि टिड्डों के झुंड से दिल्ली के हरे भरे स्थान काफी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। फैसल ने कहा कि एक छोटे से एक वर्ग किलोमीटर के टिड्डे का झुंड एक दिन में तकरीबन 35 हजार लोगों के बराबर खाना खा सकते हैं। पहले वो पानी की आपूर्ति और रेलवे लाइनों को प्रभावित करती थीं।

टिड्डियों के हमले के बाद से रेलवे ट्रैक काफी स्लिपरी हो जाती हैं, फिर उन्हें साफ करने की जरूरत होती हैं। वो कुओं को भी गंदा कर सकते हैं। एक टिड्डी तकरीबन 500 अंडे तक रख सकती है। इसलिए हमें उनके झुंड के साथ-साथ उनके प्रजनन के आधार से भी निपटने की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश के 10 जिलों को रखा गया हाई अलर्ट

वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश कई राज्यों में आफत मचाने वाले टिड्डियों के दल को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। एक सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में टिड्डियों के हमले करने का खतरा है।

टिड्डों के झुंड से उत्तर प्रदेश के झांसी, ललितपुर, जालौन और औरैया को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा हमीरपुर, कन्नौज, इटावा और कानपुर देहात व आसपास के कुछ अन्य जिलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।