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शिवसेना नेता संजय राउत महराष्ट्र पुलिस के सपोर्ट में आकर सुशांत के पिता और EX गर्लफ्रेंड अंकिता पर लगाया ये आरोप

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सु’सा’इ’ड मामले में रिया चक्रवर्ती बुरी तरह से फंस चुकी हैं. लेकिन इसके बाद भी एक्ट्रेस अपने आपको बचाने के लिएं हर दांव-पेंच खेल रही हैं. हालांकि सुशांत के आ’त्म’ह’त्या से रिया का कुछ लेना-देना है या नहीं इस बारे में तो अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो पाया है. इसी बीच शिवसेना नेता संजय राउत महराष्ट्र के पुलिस सपोर्ट में आगे आये, साथ ही साथ सुशांत के पिता और EX गर्लफ्रेंड अंकिता पर लगाया ये आरोप. जिसे जानकर आप भी चौंक जायेंगे.

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ साजिश के तहत सुशांत सिंह राजपूत की मौत का राजनीतिकरण किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सुशांत के अपने पिता से संबंध अच्छे नहीं थे और वह पिता की दूसरी शादी से आहत थे। उन्हें यह शादी स्वीकार्य नहीं थी।राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक कॉलम में लिखा, सुशांत का अपने पिता से भावनात्मक संबंध नहीं बचा था। उसके पिता को कुछ लोगों ने बरगलाकर बिहार में एक एफआईआर दर्ज करवाई गई और मुंबई में हुए अपराध की जांच करने के लिए बिहार पुलिस की टीम मुंबई आई। बिहार सरकार ने मुंबई पुलिस पर आरोप लगाकर सीबीआई जांच की मांग की, जिसे केंद्र सरकार ने मान भी लिया।

संजय राउत ने आगे लिखा कि सुशांत के मामले में दबाव की राजनीति हो रही है। सुशांत प्रकरण की पटकथा तो पहले ही लिख ली गई थी। राउत ने कहा, पर्दे के पीछे जो कुछ हुआ वो महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ सोची समझी साजिश का हिस्सा है। अगर एक घटना को राजनीतिक रंग देने का फैसला कर लिया गया है तो यह नहीं कहा जा सकता कि यह किस हद तक जाएगा। सुशांत की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या के मामले में भी यही हो रहा है। अंकिता लोखंडे और सुशांत के संबंधों पर भी उठाए सवाल: संजय राउत ने सामना में लिखा है कि सुशांत की जिंदगी में दो लड़कियां अंकिता लोखंडे और रिया चक्रवर्ती आई थीं। अंकिता ने तो सुशांत को छोड़ दिया था, लेकिन रिया पर अभी आरोप लग रहे हैं, वो उनके साथ थीं। अंकिता ने सुशांत को क्यों छोड़ा था, इस बात की जांच की जानी चाहिए। ये बात भी लोगों को पता चलनी चाहिए।

मुंबई पुलिस जांच करती तो आसमान नहीं टूटता:
राउत ने मुंबई पुलिस को विश्व की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी बताते हुए कहा, अगर मुंबई पुलिस मामले की जांच करती तो आसमान नहीं टूटता। मुंबई पुलिस ने शीना बोरा हत्याकांड की जांच की, जिसमें कुछ बड़े नाम शामिल थे। सभी को जेल भेजा गया। मुंबई पुलिस ने मुंबई हमले की जांच की और अजमल कसाब को फांसी मिली। इस मामले में केंद्र का हस्तक्षेप मुंबई पुलिस का अपमान है। सीबीआई एक केंद्रीय एजेंसी हो सकती है लेकिन यह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है।