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राममंदिर के बाद मोदी सरकार लागू करने जा रही है ये नया कानून? जो आप सोच भी नहीं सकते हैं!

अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की नींव रखी जा चुकी है. सैकड़ों वर्षों के इंतजार के बाद वो दिन आखिरकार आ ही गया था जब हिंदू समाज के लोगों को राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत देख ली. 5 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण की नींद रखने और भूमिपूजन के लिए अयोध्या पहुंचे थे. इस खास अवसर पर पूरी अयोध्या नगरी इस दिन को पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रही थी. अब एक ख़बर आ रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसा नियम लाने जा रही हैं जो आप सोच भी नहीं सकते हैं. आइये आपको बताते हैं पूरी बात.

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन के बाद क्या सरकार एनआरसी, जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी काम कर रही है? क्या संसद के आने वाले सत्र में जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार कोई बिल ला सकती है. क्या तैयारी यूनिफॉर्म सिविल कोड की भी है. ये सवाल इसलिए खड़े हुए हैं क्योंकि बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर जनसंख्या नियंत्रण के लिए संसद में बिल लाने की मांग की है. इशारा कुछ ऐसा ही लगता है क्योंकि बीजेपी सांसद अनिल अग्रवाल की पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वो देशवासियों को जनसंख्या नियंत्रण के बारे में अवगत कराएं. साथ ही राष्ट्रहित में आगामी संसद सत्र में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक पास करें. 

“आदरणीय प्रधानमंत्री जी, सभी भारतीयों और दुनिया भर के हिंदुओं की तरफ से मैं धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि 500 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद आस्था और उम्मीद की नई सुबह हुई है. हिंदू दर्शन के अनुसार दुनिया में हर चीज ईश्वर की मर्जी से ही होती है और ईश्वर अपने कार्यों को पूरा कराने  के लिए व्यक्तियों को चुनता है. ईश्वर ने आपको 130 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए चुना है. 15 अगस्त 2019 को आपने देश को जनसंख्या नियंत्रण कानून के उपायों के लेकर आश्वस्त किया था. अब वक्त आ गया है कि अब वक्त आ गया है उस शपथ को पूरा करने का. इसलिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि संसद के आने वाले सत्र में इस विषय पर उपयुक्त बिल लाया जाए.”

  

दरअसल, 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताई थी. पीएम मोदी ने कहा था, “भारत परिवार नियोजन अपनाने वाला दुनिया का पहला देश था. 1949 में पारिवारिक नियोजन कार्यक्रम का गठन किया गया था. 1952 में पहला परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया गया था. 1977 में सरकार ने एक नई जनसंख्या नीति का गठन किया था. लोगों को स्वेच्छा से स्वीकार करने का विकल्प दिया गया था. 2024-25 तक भारत, चीन को आबादी के मामले में पीछे छोड़ देगा. भारत की जनसख्या 135 करोड़ है, चीन की 142 करोड़ है. जनसख्या के मामले में भारत कुछ वर्षों में चीन को पीछे छोड़ देगा.”