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इन राशि पर शुरू होने वाली है शनि ढैय्या, महादशा की चपेट में होंगे ये लोग…………

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सभी देवताओं में शनिदेव न्याय के देवता माने जाते हैं। यह इंसान को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। इंसान जैसे कर्म करेगा उसे शनिदेव वैसे ही फल देते है। शनि देव सभी को कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वालों को शुभ परिणाम और बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं। बता दें कि ग्रह चाल चल रहे हैं और शनि के अशुभ स्थान और महादशा की अवस्था में अशुभ परिणाम ही प्राप्त होते हैं।


बता दें कि शनि के शुभ स्थान में होने पर व्यक्ति को अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। वर्तमान में मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि ढैय्या चल रही है। कुंभ राशि में शनि के गोचर करते ही मिथुन व तुला राशि से शनि ढैय्या खत्म हो जाएगी।

इसके बाद कर्क व वृश्चिक राशि वाले शनि ढैय्या की चपेट में आ जाएंगे। शनि गोचर के साथ ही धनु राशि वालों को भी शनि की साढ़े साती से छुटकारा मिल जाएगा।

मीन राशि वालों पर शनि की साढ़े साती शुरू होगी। शनि ढैय्या से पीड़ित राशियों को कार्यों के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ता है। करियर में सफलता हासिल करने में मुश्किलें आती हैं। शत्रुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। पारिवारिक कलह के साथ मानसिक तनाव भी बना रहता है। शनि ढैय्या के दौरान व्यक्ति को धैर्य से काम लेना चाहिए। इस दौरान दोस्ती करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
हर दिन चिड़ियों को पानी और दाना खिलाना चाहिए। इसके अलावा चीटियों को मीठा खिलाने से भी लाभ होता है। काली उड़द, काले वस्त्र, तिल आदि का दान करना चाहिए। शनि ढैय्या के दौरान मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। हनुमान जी की पूजा के साथ भगवान शिव की पूजा से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं। शनि मंत्रों का जाप करना चाहिए। पीपल के वृक्ष के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।