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ये 5 नाम वाले पुरुष जन्म से ही मालिक बनने का भा’ग्य लेकर आते हैं, जाने क्या आपका नाम भी….

धार्मिक खबर

आचार्य चाणक्य को विभिन्न विषयों का गहन ज्ञान था। ये एक कुशल कूटनी’तज्ञ, राजनीतिज्ञ और बुद्धिजीवी थे। इसके साथ ही ये अर्थशा’स्त्र के मर्म’ज्ञ थे। इसी कारण इन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त भी कहा जाता था। इन्हें न केवल किताबी विषयों का बल्कि जी’वन की अच्छी और बुरी दोनों तरह की परिस्थि’तियों का अनुभव था। इन्होंने अपने जीव’न में हर तरह की परिस्थिति’यों का सामना करते हुए भी कभी हार नहीं मानी और न ही कभी अपना धैर्य खो’या बल्कि इन्होंने अपनी कुशल नीतियों और बुद्धि’मत्ता के बल पर नंदवंश का नाश करके चंद्रगु’प्त को मौर्य सम्राज्य का शासक बनाया। ये एक श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे। इसी के साथ ये एक यो’ग्य शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर आचार्य के पद पर रहकर विद्या’र्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। इनके द्वारा लिखे गए नीतिशास्त्र की बातें आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। आचार्य चाणक्य ने ऐसे कार्यों के बारे में बताया है जिनकों करने से आपके घर में किसी प्रकार का अभाव नहीं होता है। ऐसे घरों में सदैव मां लक्ष्मी की कृ’पा बनी रहती है। तो चलिए जानते हैं कि क्या कहती है चाणक्य नीति।


जहां होता है ज्ञानियों का सम्मा’न
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिन घरों में ज्ञानियों का सम्मान किया जाता है वहां मां लक्ष्मी स्वयं पधा’रती हैं। ज्ञानी व्यक्ति आपको सही रा’ह पर चलने को प्रेरित करते हैं तो वहीं मू’र्खों के कारण आप स’मस्याओं से घिर सकते हैं, इसलिए कहा गया है कि मू’र्खों की हां में हां मिलाने या फिर उनकी प्रशं’सा से प्रसन्न होने के बजाय ज्ञानी व्यक्ति की डां’ट सुनना आपके लिए लाभप्रद रहता है। मनुष्य को सदैव ज्ञानी लोगों की संगति करनी चाहिए और उनका भलि’भांति सम्मान करना चाहिए।