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ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए की गई थी ऐसी डिमांड, नीना गुप्‍ता हो गई थीं शर्म से लाल…..

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सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म खलनायक’ ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं और उससे भी ज्यादा सुर्खियों में उसका गाना ‘चोली के पीछे क्‍या है’ रहा था. संजय दत्त, माधुरी दीक्ष‍ित और जैकी श्रॉफ ने इस फिल्म शानदार एक्टिंग की थी. ‘चोली के पीछे क्‍या है’ के कारण फिल्म विवादों में भी आ गई थी. डायरेक्टर पर आश्लीलता फैलाने का आरोप भी लगा. इस गाने को ईला अरुणने गाया था और नीना गुप्‍ता और माधुरी दीक्ष‍ित गाने में नजर आई थीं.

चोली के पीछे क्‍या है’ पर लिखा पूरा चैप्टर
नीना गुप्‍ता ने अब सालों बाद अपनी ऑटोबायॉग्रफी ‘सच कहूं तो’ में इस गाने की शूटिंग से जुड़े कई किस्से लिखे हैं. नीना गुप्ता ने बताया कि ये गाना शूट करते समय उन्हें बहुत शर्म महसूस हुई थी. नीना गुप्‍ता की किताब को सोमवार को लान्च किया गया है. नीना ने अपनी इस किताब में कई खुलासे किए हैं. अपनी इस किताब में उन्होंने ‘चोली के पीछे क्‍या है’ गाने पर एक चैप्टर लिखा है.

नीना के मन में थी हिचक
‘चोली के पीछे क्‍या है’ गाने पर लिखे गए चैप्टर में नीना ने लिखा है कि सुभाष घई ने उन्हें ब्रेस्ट साइज बड़ा दिखाने के लिए ‘पैडेड ब्रा’ पहनने के लिए कहा था, जिसके बाद वो शर्म से पानी-पानी हो गई थीं. नीना किताब में लिखती हैं, ‘जब मैंने पहली बार गाना सुना तो मुझे ये गाना काफी कैची लगा. इसके बाद जब सुभाष घई ने मुझे मेरा रोल बताया तो इसे नहीं करना चाहती थी, मेरे अंदर हिचक थी.’

नहीं करना चाहती थीं रोल
नीना आगे लिखती हैं, ‘मुझे ये जानकर बड़ी खुशी हुई कि मेरा वाला हिस्सा मेरी दोस्त ईला अरुण गा रही हैं. उनके साथ कई फिल्मों में मैंने पहले भी काम किया था. मगर मेरे लिए वो करना मुश्किल था, मैं वो नहीं कर सकती थी, जो मुझे करने के लिए कहा गया था.’

देखते ही कह दिया था नो, नो, नो!
नीना आगे लिखती है, ‘मुझे गुजराती आदिवासी कपड़े पहनाए गए और फिर अप्रूवल लेने के लिए सुभाष घई के पास भेज दिया गया. वो मुझे देखते ही चीघ पड़े नो, नो, नो. इसमें कुछ भरो. मैं शर्मा गई. मेरे अनुसार वो मेरी चोली के लिए कह रहे थे कि इसमें और भरो. मुझे पता था कि पर्सनल नहीं है. उन्होंने पहले से ही कुछ और विजुअलाइज किया था. मैंने उस दिन शूट नहीं किया.’

तब जाकर हुए संतुष्ट
नीना आगे अपनी किताब में लिखती हैं, ‘अगले दिन जब शूट के लिए पहुंची तो सुभाष घई के पास दूसरे आउटफिट के साथ भेजा गया. इस बार एक हैवी पैडेड ब्रा भी पहनने के लिए दी गई थी. सुभाष घई ने देखते ही इस बार अप्रूव कर दिया, वो संतुष्ट थे.’

सुभाष की तारीफ की
नीना सुभाष घई की तारीफ करते हुए लिखती हैं, ‘सुभाष घई को सीन के लिए जो भी चाहिए होता था, वो उसके लिए बहुत खास इंस्‍ट्रक्‍शन देते थे. इसी वजह से वो इतने अच्छे निर्देशक थे.’