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साड़ी में स्केटिंग करती 11 साल की लड़की ‘कोरोना टीके’ को लेकर कर रही हैं जागरुक, जानिए क्या है मामला……..

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उत्तर प्रदेश की 11 साल की बच्ची के गुलाबी रंग की साड़ी पहने वीडियो ने सभी का दिल जीत लिया है वीडियो में उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रामकोट गांव की लड़की साड़ी में स्के’टिंग के लिए सबका ध्यान खींच रही है, उसके स्के’टिंग के पीछे मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों में COVID टीकाकरण के बारे में जागरूकता पैदा करना है। उसके उत्कृष्ट स्के’टिंग कौशल ने उसके गाँव के सभी लोगों को च’कित कर दिया है।

गौरललब है कि देश पहले से ही घा’तक संक्रा’मक दूसरी लहर से जूझ रहा है, गांवों के लोग अभी भी COVID-19 के खि’लाफ टीका लेने से हिच’किचा रहे हैं।महा’मारी गरीबी से त्रस्त ग्रामीण इलाकों को भी त’बाह कर रही है हालांकि इसके पीछे की व’जह अज्ञा’नता और भ’य है जिसकी वजह से लोग टीका लगवाने में हिच’किचा रहे हैं।

एक विश्लेषण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 15 प्रतिशत लोगों ने कम से कम टीके की पहली खु’राक ली है क्योंकि गांवों में अभी भी झिझ’क बनी हुई है। ग्रामीणों को ड’र है कि वैक्सीन लेने से उनकी मौ’त हो सकती है।

”कई ग्रामीणों को ड’र है कि वैक्सीन लेने के बाद उनकी मृ’त्यु हो सकती है”

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्रामीणों को डर है कि वैक्सीन लेने के बाद उनकी मृ’त्यु हो सकती है। हरियाणा के एक निवासी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “मेरे गांव में बहुत से लोग वैक्सीन नहीं लेना चाहते हैं। उन्हें ड’र है कि अगर वे इसे ले लेंगे तो वे म’र जाएंगे।”

200 ग्रामीणों ने सरयू नदी में छलांग लगा दी थी

वहीं उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के सिसोदिया गांव में उत्तर प्रदेश के कम से कम 200 ग्रामीणों ने सरयू नदी में छलां’ग लगा दी। काफी समझाने के बाद उन्होंने नदी से बा’हर आने का फैसला किया, रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्हें बचताया गया था कि यह कोई टीका नहीं है, बल्कि एक जह’रीला इंजे’क्शन है।

एएनआई न्यूज़ एजेंसी के मुताबिर, गुलाबी रंग की साड़ी पहने ये 11 साल की नन्ही परी का नाम श्री गुप्ता है, जिसके वीडियो इंटरनेट मीडिया पर छाए हैं। वह आसपास गांवों में ग्रामीणों को को’रोना टीकाकरण के लिए जगा रही है। श्री गुप्ता के पिता की सीतापुर में कलर लैब हैं। पांचवीं की छात्रा श्री पिछले दिनों अपने बाबा संजय कुमार गुप्त और दादी रमा गुप्ता को वै’क्सीन लगवाने के लिए रामकोट स्वास्थ्य केंद्र गई थी। यहां पर श्री के बाबा-दादी ने काफी देर इंतजार किया, इसके बावजूद दोनों के वै’क्सीन नहीं लग पाई।