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न ही सुरक्षागार्ड न ही पुजारी, आखिर किसने और कैसे पहिचाना विकास दुवे को…जानें पूरी कहानी…

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यूपी पुलिस प्रदेश के सबसे ईनामी अपराधी को पकड़ने में नाकाम साबित हुई। यूपी पुलिस की अलग अलग टीमें सात दिन में सात प्रदेशों की विकास को खोजने में लगी थी इसके बाद भी वह शिकंजे में नहीं आया। गुरुवार सुबह विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया। वह गिरफ्तार हुआ या उसने सरेंडर किया है यह अभी सस्पेंस में है। हालांकि मध्य प्रदेश पुलिस का दावा है कि उसे गिरफ्तार किया गया है। 

कभी पुजारी तो कभी सुरक्षागार्ड ने की पहचान  : 

विकास दुबे कैसे गिरफ्तार हुआ, इस बात को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। कभी कहा जा रहा है कि पुजारी ने उसे पहचाना तो कभी बताया जा रहा है  कि सुरक्षाकर्मी ने उसकी पहचान की। मंदिर से जुड़े लोग भी इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं बोल रहे हैँ।  

पुलिस की थ्योरी में फूल बेचने वाला आया सामने :

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उज्जैन के डीएम आशीष सिंह का कहना है कि आज सुबह 7.30 और 8 बजे के बीच एक संदिग्ध शख्स को महाकाल मंदिर परिसर में देखा गया। उसने मंदिर के दर्शन को लेकर एक दुकानदार सुरेश से जानकारी ली थी और पूजा के सामान को खरीदा। सामान खरीदते समय जैसे ही विकास ने माॅस्क उतारा दुकानदार को कुद शक हुआ। इसके बाद दुकानदार ने गार्ड को बताया। प्राइवेट सिक्योरिटी के गार्ड एक पुलिस जवान के साथ महाकाल मंदिर कैंपस में गया। कैंपस के अंदर विकास दुबे को पकड़ा गया, विकास दुबे से पूछताछ की तो वह जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद विकास दुबे को महाकाल स्थित चौकी पर लाया गया। पुलिस का शिकंजा कसता देख विकास दुबे ने खुद का परिचय दिया। 

मां बोली- हर साल जाता था महाकाल : 

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद मां सरला ने कहा कि विकास का ससुराल मध्य प्रदेश में है और वह हर साल उज्जैन के महाकाल मंदिर जाता था। विकास को महाकाल बाबा ने ही बचाया है। उन्होंने आगे कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं क्या कहती हूं, सरकार को जो उचित लगता है वो कर रही है।