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चाहे म’र जाना माथे पर ऐसा सिंदूर भूलकर भी मत लगाना, पति की जल्दी हो जाती हैं….

धार्मिक खबर

हिंदु धर्म में औरतों द्वा’रा मांग में सिंदुर भ’रने का बहुत म’हत्व होता है। शादी के बाद ह’र महिला अपने पति के नाम का और उनकी लं’बी आ’यु के लिए सिंदुर भरती है। मग’र सिंदुर को भ’रते समय कुछ बातों का खा’स ध्यान रखना चाहिए जैसे कि इसे कब, कैसे और कितनी बार लगा’ना चाहिए। तो चलिए जानते है सिं’दुर से जुड़ी कुछ खा’स बातें…

बिना नहा’ए न लगाए
हिंदु धर्म में सिंदुर को बहुत पवि’त्र माना जाता है। इसलिए इसे कभी भी बिना नहा’ए नहीं लगाना चाहिए। इसे हमे’शा नहाकर, साफ क’पड़े पहन कर ही मा’थे पर लगाना चाहिए।

इन दिनों न लगाए
घर में सुत’क होने या पी’रियड्स के दिनों में इसे नहीं लगाना चाहिए। इन दिनों इसे लगाने से यह अप’वित्र हो जाता है।

सिंदुर को गि’रने न दें
इसे हमेशा सुरक्षि’त जग’ह पर ही रखें। ऐसी किसी भी जगह पर रखने से बच’ना चाहिए जहां से इसके गिरने का ड’र हो। साथ ही इसे बच्चों की पहुंच से दू’र रखें। क्योंकि इसका गिर’ना अपश’गुन माना जाता है।

क्या करें सिंदुर गिरने पर?
अगर कहीं गलती से सिं’दुर गि’र जाएं तो इसे किसी ना’ले या डस्टबि’न में फैंकने की गलती न करें। इसे अपने हाथों से उठा’कर माथे पर लगाएं। फिर उसे किसी पे’ड़ पर रख आए।

किसी के सामने न लगाए
कहा जाता है कि सिंदुर को कभी भी किसी के सा’मने नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से पति को बुरी नज’र लग सकती है।

माथे पर गि’रने पड़े
अगर कहीं सिंदुर लगाते समय थो’ड़ा सा मा’थे या नाक पर गिर जाएं तो यह शुभ संके’त देता है। माना जाता है कि महिला का पति उनसे बहुत प्यार करता है।

लि’क्विड या ड्रा’ई सिंदुर?
लिक्वि’ड की जगह ड्रा’ई सिंदुर लगाना का’फी पवित्र माना जाता है।

कैसे लगाएं ड्रा’ई सिंदुर?
क’ई महिलाओं को ड्रा’ई सिंदुर भरने में परेशा’नियों का साम’ना करना पड़ता है। ऐसे में सिंदुर लगाने के लिए सबसे पहले अपनी दा’एं हाथ की तीसरी अं’गुली को थोड़ा सा गी’ला करें। आप इसे पानी या गुला’ब जल से गी’ला कर सकती है। अब थोड़ा सा सिंदुर लेकर उसे अपनी मांग में भ’रे। अगर कहीं आप पत’ला सिंदुर भरना चाहते है तो इसे माचि’स की ती’ली से भर सकते है।