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रात के समय शमशा’न से क्यों नहीं गुज’रना चाहिए, इसके पीछे हैं बड़ी व’जह, जाने….

हिंदी खबर

कोरो’ना महा’मारी में अपनों को खोने वाले कुछ लोग अं’तिम संस्का’र के बावजूद अ’स्थि विस’र्जन नहीं कर पाए हैं. डा’क विभाग के डि’प्टी सुप्री’टेंडेंट ने बताया कि ओम दि’व्य दर्शन सामाजिक सं’स्था ने पह’ल की है. चार ती’र्थ स्थ’लों पर देश के किसी भी कोने से लोग अस्थि’यां भेज सकते हैं. उन्होंने बताया कि मेरठ के किसी भी डा’कघर से स्पी’ड पोस्ट के माध्य’म से अस्थि’यां भेजी जा सकती हैं. सभी निय’मों का पालन किया जाना आ’वश्यक है. सं’स्था को जैसे ही अस्थि’यां मिलेगी, वह नदियों में विस’र्जित कर देगी. मेरठ में सूर’जकुंड श्मशा’न घा’ट के पुरोहित का कहना है कि अभी भी बहुत ऐसे लोग हैं जो अस्थि’यां लेने आज तक नहीं लौटे. अब डा’क विभा’ग की इस पहल से अस्थि’यों को मो’क्ष मिल सकेगा.
गौरतलब है कि कोरो’ना महामा’री ने 16 संस्का’रों का स्वरूप ब’दल दिया है. श’वों के अं’तिम संस्का’र, उठावनी, अ’स्थि वि’सर्जन और तेरह’वीं को प्रभावित किया है. सूरजकुंड श’मशान में दर्ज’नों लोगों की अस्थि’यां रखी रहीं, जिन्हें आज तक कोई लेने नहीं पहुंचा. ऐसे में सामाजिक संग’ठनों ने आगे आकर अ’स्थि विस’र्जन की हैं. यही नहीं कई बार तो बेटियों ने भी आगे आकर बेटे का फ’र्ज निभा’या है. कोरोना’काल में कई सामाजिक लोगों ने अपनी जा’न की पर’वाह न करते हुए जहां कईयों का दा’ह संस्का’र किया वहीं अस्थि’यों को भी समाजसेवियों ने विस’र्जित किया था. अब जबकि डा’क विभाग और सं’स्था में क’रार हुआ है तो यकीनन अस्थि’यों को अब मो’क्ष मिल सकेगा और परि’जनों को शां’ति.