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मरने के बाद 3 बार जिंदा श्म’शान से लौट चुकी हैं ये महिला, इसकी कहानी जानकर आप भी चौंक जाएंगे………..

अजीबो गरीब

भू’त और प्रे’त को लेकर हर इंसान की अपनी अलग अलग सोच है. इस दुनिया में बहुत सारे लोगों का भू’तों और आ’त्मायों पर विश्वास है जबकि, ज्यादातर लोग इसको मन का वेहम मान कर इग्नोर कर देते हैं. बहरहाल, भू’त सच में होते है या नहीं ये कह पाना तो बहुत मु’श्कि’ल है. हालाँकि आज तक साइंस भी भू’तो को लेकर कुछ साबित नहीं कर पाई है. इसलिए आज भी भू’त और प्रे’त आ’त्माएं एक पहेली बन चुके हैं. जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि म’रने के बाद इंसान की ला’श को श्म’शा’न घा’ट में ज’ला दिया जाता है या फिर उसको द’फ’ना दिया जाता है. लेकिन, क्या कभी आपने किसी ला’श को जिंदा होते हुए देखा है? अक्सर आपने हॉ’र’र फिल्मों में भू’तों और आ’त्मा’यों को आधी रात के समय श्म’शा’न घाट से जगते हुए देखा होगा. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान आधी रात को म’र कर वापिस जिंदा हो जाए तो क्या होगा? आज हम आपके लिए एक ऐसी ही अजीबो गरीब घ’ट’ना लेकर आये हैं. जिसको जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जायेंगे…

दरअसल, आज हम आपको एक ऐसी महिला से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जो श्मशान से तीन बार मर कर जिंदा वापिस लौट चुकी हैं. हालाँकि, आपको ये बात झूठी लग रही होगी परंतु, ये एकदम सच्ची घ’ट’ना है. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि ये कहानी जून बुर्चेल नामक महिला की है जो गलती से तीन बार मु’र्दा’घर जा चुकी है. मिली जानकारी के अनुसार इस महिला को डॉक्टर तीनो बार मृ’त घोषित कर चुके हैं. इसके बावजूद भी वह हर बार जिंदा लौट चुकी हैं.

आपको ये जानकार हैरानी होगी कि जब जून छोटी थी तो वह काफी बीमार रहती थी. जिसके बाद उसको इलाज के लिए अस्पताल लेजाया गया. वहां डॉक्टर्स ने उसको मृ’त घोषित कर दिया . जब जून को होश आया तो उसने अपने पास काफी सारे मु’र्दा लोगों को देखा. इसके बाद वह काफी सहम गई और घर लौट गई. इना ही नहीं बकी, अगले ही दिन बिलकुल ऐसा ही हा’द’सा उसके साथ एक बार फिर से हुआ.

इस घ’ट’ना के बाद डॉक्टर्स ने जांच में पाया कि जून को एक ख’तरना’क बीमारी है जिसका नाम कैटैप्लेसी है. ये बिमारी बिल्कुल नार्कोलेपसी की तरह ही है. इस बीमारी के कारण जब भी जून इमोशनल होती है तो वह बे’हो’श हो जाती है. इतना ही नहीं बल्कि, उसको कईं बार कुछ ही घंटो में होश आ जाता है और कईं बार महीनो लग जाते हैं. कैटैप्लेसी दुनिया में सबसे ख’रा’ब मा’म’लों में से एक है.

जून ने बताया कि अब उन्हें मौ’त से जरा भी डर नहीं लगता. क्यूंकि, उनका हर दिन उनके लिए मौ’त के समान होता है. जून के अनुसार अब वह केवल एक ही बात से ड’रती हैं कि लोग उन्हें फिर से मृ’त समझ कर द’फ’ना ना दें. क्यूँ कि ऐसा उसके लिए काफी घटक सिद्ध होता है. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें इस दुनिया में इस बीमारी से लाखों लोग पी’ड़ि’त हैं. अभी तक इस बीमारी का इलाज नही मिल पाया है. लेकिन, विज्ञानी अपनी कोशिशों को लेकर आज भी इस बीमारी पर रिसर्च में जुटे हुए हैं.