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संबंध बनाते समय भूल कर भी न छुये किसी भी स्त्री का ये अंग, नही तो टूट सकता है मुसीबतों का पहाड़……

ज्योतिष

बात बड़ी अजीब है लेकिन शास्त्रों में वर्णित है कि अगर आप स्त्री के एक खास अंग का स्पर्श करते हैं तो काली माता नाराज हो जाती हैं। आइए जानते हैं वह अंग कौन सा है…  स्त्री की काया सुकोमल होती है। सं’बं’ध स्थापित करने के दौरान भी उसके साथ नजाकत से पेश आना चाहिए।  लेकिन एक खास जगह पर उसका स्पर्श कतई न करें और वह खास जगह है उसकी नाभि… जी हां, स्त्री की नाभि में काली माता की शक्ति निहित होती है। यहां स्पर्श करने से पुरुष पर मुसीबतों का पहाड़ टूट सकता है। 

 यूं भी नाभि की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह हमारे पूरे शरीर का केन्द्र होती है। ठंड के दिनों में यहां नियमित तेल की बूंदें डालनी चाहिए। यहां तेल डालने के कई फायदे हैं। 

उत्तम और संस्कारी संतान की इच्छा किस दंपत्ति को नहीं होती? गृहस्थ आश्रम में मनुष्य जीवन के साथ विभिन्न कर्तव्य जुड़ जाते हैं। इनमें उत्तम संतान का जन्म और पालन भी एक है। कहा भी जाता है कि सद्गुणों से युक्त और शुभ संस्कारों को ग्रहण करने वाली संतान माता-पिता और पूर्वजों को यश प्रदान करती है। 

अगर संतान कुमार्ग पर चलने वाली, व्यभिचारी, अपव्ययी और दुर्जन होगी तो यह कुल और परिवार के लिए कलंक सिद्ध होगी। गरुड़ पुराण में सदाचारी और उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए अनेक बातें बताई गई हैं। जानिए आप भी ऐसी बातें जिससे गुणवान संतान की प्राप्ति हो सकती है।

1- गरुड़ पुराण में कहा गया है कि ऋतुकाल से लेकर सात दिन तक का समय गर्भाधान के लिए अच्छा नहीं होता। इस समय का त्याग करना चाहिए। इससे मनुष्य की आयु और स्वास्थ्य का नाश होता है।