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विदुर नीति:: ये तीन चीजें किसी को भी कर सकती हैं बर्बाद जानिए..

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शास्त्रों व ग्रंथों के अनुसार जैसे चंद्रगुप्त मौर्य अपने जीवन में हर चनौती आने पर आचार्य चाणक्य की मदद लेते थे, ठीक उसी तरह महाभारत के युद्ध से पहले युद्ध के परिणामों को लेकर धृतराष्ट्र ने महात्मा विदुर जी से बातचीत की थी। बता दें उस समय में भी तथा वर्तमान समय में भी महात्मा विदुर को एक प्रख्यात विद्वान के तौर पर जाना जाता है। इन्होंने अपने जीवन में अर्जित किए ज्ञान व अनुभव के बूते पर कई ऐसी बताई जो आज के समय में भी लाभदायक साबित हो सकती हैं। आज हम आपकको विदुर जी के नीति सूत्र के एक ऐसे ही श्लोक के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें बताया गया है कि व्यक्ति के जीवन में अगर ये तीन चीज़ें आ जाएं तो जल्द से जल्द उनका त्याग कर देना चाहिए। आइए जानते है क्या हैं वो 3 चीज़ें-

विदुर नीति श्लोक-
त्रिविधं नरकस्येदं द्वारम नाशनमात्मन: ।
काम: क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत्।।

उपरोक्त श्लोक के अनुसार काम, क्रोध और लोभ ये तीनों चीजें आत्मा का नाश करने वाली और नरक के तीन द्वार हैं। इसलिए इन तीनों का तुरंत त्याग कर देना चाहिए।

काम:
विदुर जी ने नीति सूत्र कहा गया है कि अत्याधिक कामभावना व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती है इसलिए इंसान को सदैव कामभावना पर नियंत्रण रखना चाहिए। ये चीज इंसान को बर्बाद कर देती है।

क्रोध:
जब कोई व्यक्ति क्रोध के वश में होता है तो उसे सही और गलत का ध्यान नहीं रहता। विदुर के अनुसार गुस्से में मनुष्य का दिमाग काम करना बंद कर देता है जिससे व्यक्ति की सोचने समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है। जिसके चलते व्यक्ति दूसरों के साथ-साथ खुद का भी नुकसान कर लेता है। इसलिए अत्याधिक क्रोध करने की आदत को त्याग देना चाहिए।

लोभ:
लोभ में व्यक्ति कई अनुचित कार्य करने लगता है जो भविष्य में उसकी बर्बादी का कारण बनता है। विदुर कहते हैं कि अगर इंसान में संतुष्टि की भावना नहीं है तो उसे कोई भी चीज खुशी नहीं दे सकती है।