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अंग फड़कने के प्रभाव जानकर हैरान रह जाएंगे जो आपने सुना है उससे हैं कहीं ज्यादा खतरनाक..

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शरीर के अंग फड़कने का क्या मतलब होता है। जानिए अंगों के फड़कने के प्रभाव
नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है इस पोस्ट में, आज हम आपको इस आर्टिकल में शरीर के अंग फड़कने का मतलब और अंग फड़कने के प्रभाव के बारे में बतायेग।

अंग का फड़कने का क्या अर्थ होता है
दोस्तों आप सभी का कभी न कभी शरीर का कोई अंग जरूर फड़का होगा। शरीर का अंग फड़कना हमे कोई न कोई सन्देश जरूर देता है। हमे इसका अर्थ जरूर जान लेना चाहिए। और शरीर का अंग फड़कना हमारे ऊपर कोई न कोई प्रभाव डालता है, कुछ प्रभाव बुरे होते है अथवा कुछ प्रभाव अच्छे है, कुछ लोग इसको शुभ और अशुभ से भी जोड़ के देखते है।

हमारे शरीर में कोई भी हिस्सा फड़क सकते है, आंख, कान, नाक, सर, भुजा,कन्धा, पैर हाथ इत्यादि ,आज हम आपको शरीर के सभी अंगो के फाड़ने के बारे में विस्तार से बतायेगे।

महिला (स्त्री) के लिए कौन-सा अंग फड़कना शुभ और अशुभ होता है?
प्राचीन काल से ही ऐसा माना जाता है की स्त्री का बायीं (उल्टा) अंग फड़कना बहुत शुभ माना जाता है। अगर स्त्री का बायीं आंख का फड़कना, बायीं कान का फड़कना, बायीं भुजा का फड़कना शुभ माना जाता है। और इसी के बिपरीत स्त्री का दाहिना (सीधा) अंग फड़कना अशुभ माना जाता है ,ऐसा माना जाता है की अगर महिला का सीधा अंग फड़कता है तो कोई अशुभ समाचार मिल सकता है और कोई हानि होगी।

पुरुष (आदमी) का कौन-सा अंग फड़कना शुभ और अशुभ होता है ?
भारतीय संस्कृति बहुत ही प्राचीन है और प्राचीन काल से ही ऐसा माना जाता है की अगर किसी आदमी व पुरुष का दाहिना अंग फड़कता है तो यह उसके लिए एक शुभ संकेत है इसका अर्थ है उसको किसी काम में सफलता मिल सकती है और शुभ समाचार मिलेंगे और इसी के विपरीत अगर आदमी का उल्टा अंग फड़कता है तो यह उसके लिए एक अशुभ संकेत लाता है और उसके कोई बने काम बिगड़ने वाले है।

चलिए जानते है कौन से अंग का फड़कने का क्या अर्थ होता है ,और इसके क्या प्रभाव पड़ते है निजी जीवन पर और यह शुभ है या फिर अशुभ।

शरीर के अंग फड़कने शुभ या फिर अशुभ ?
सिर का फड़कना – यदि आपका सिर फड़कता है यह आपके लिए शुभ है यदि आपका सर का पीछे का हिस्सा फड़क रहा हो तो आपकी इच्छा पूर्ण होगी।
गरदन का फड़कना – यदि आपकी गर्दन फड़कती है तो यह शुभ रूप में देखा जाता है, कबि कभी इसका अर्थ महिला से मिलना या उसके संफर्क में आना भी माना जाता है

माथे का फड़कना – यदि आपका माथा फड़कता है तो यह एक चिंता का विषय है अगर आपका दाहिना माथे का हिस्सा फड़कता है तो शुभ है और बायीं हिस्सा फड़कता है तो अशुभ है , अगर आपका पूरा माथा फड़कता है तो आपको बहुत कठनाईयो का सामना करना पड़ सकता है।

हथेली का फड़कना- हथेली का फड़कना मतलब आपको कोई यात्रा करना पड़ सकता है

दाहिना पैर (पांव) का फड़कना- यदि आपका दाहिना पैर फड़कता है तो यह शुभ नहीं माना जाता है और अगर किसी पुरुष का दाहिना पैर फड़कता है तो यह शुभ माना जाता है।

बायीं पैर (पांव) का फड़कना- यदि आपका दाहिना पैर फड़कता है तो यह शुभ माना जाता है और अगर किसी का महिला का दाहिना पैर फड़कता है तो यह शुभ नहीं माना जाता है।

दाई भौंह का फड़कना – यदि आपकी भौंह फड़कती है तो यह एक शुभ सपना है इसका अर्थ है की आपका कोई काम पूरा होने वाला है और आपकी कोई मन्नत पूर्ण होने वाली है।

– यदि आपकी दाई भुजा फड़कती है तो इसका अर्थ है की आपको जल्दी ही आपके छेत्र में धन, यश, और सम्मान मिलने वाला है।

बाई भुजा का फड़कना- यदि आपकी बायीं भुजा फड़कती है तो इसका अर्थ है की आपको जल्दी ही आपको आपकी खोई हुए बस्तु मिलने वाली है।

होठ का फड़कना – यदि आपका होठ फड़कता है यह एक शुभ संकेत है इसका अर्थ है की आपको कोई दोस्त मिलने वाला है , अगर आपका ऊपर का यह फड़कता है तो धन लाभ होगा ,और निचे का होठ फड़कता है तो किसी से कहा सुनी भी हो सकती है।

दाया हाथ का फड़कना- जिसका दायां हाथ फड़के समाज में मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है, जबकि बायां हाथ फड़कना अक्सर विरह ही कराता है।

दाहिनी बाह का फड़कना – अगर दाहिनी बाह फड़के तो शुभता मिलती है, जबकि बांह के फड़कने से अफसोस ही होता है।

दाहिने कंधा का फड़कना – यदि आपका दया कन्धा फड़कना परेशानी पैदा करती है, वहीं बायें कंँधा की फड़फड़ाहट शत्रु को नीचा दिखाती है। दोनों कन्धा फड़के तो झगड़े की आशंका होती है।

ठोड़ी का फड़कना – यदि आपकी ठोड़ी फड़कती है तो ठोड़ी का फड़कना अक्सर शुभ ही माना गया है।