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ज्योतिष: बिना कुंडली देखे इन संकेतों से जानें आपके ऊपर कौन सा ग्रह का है अशुभ प्रभाव…….

धार्मिक खबर

ज्योतिषशास्त्र में सभी नौ ग्रहों की विशेष भूमिका होती है। सभी ग्रह शुभ और अशुभ दोनों तरह के फल प्रदान करते हैं। कौन सा ग्रह आपके लिए शुभ है या अशुभ यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति कैसी है, ग्रह किस भाव में विचरण कर रहे हैं और ग्रहों की द्दष्टि कैसी है। किसी व्यक्ति की कुंडली को देखकर कोई ज्योतिषी जातक के ऊपर किस ग्रह का प्रभाव अच्छा है और कौन सा ग्रह आपको अशुभ फल प्रदान कर रहा है इसके बारे में बताता है। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने जन्म की सही तारीख और समय मालूम नहीं होता है, जिस कारण से उनकी कुंडली नहीं बन पाती है। फिर भी बिना कुंडली देखे ही किसी व्यक्ति का कौन सा ग्रह अशुभ फल दे रहा है कुछ लक्षणों से आसानी से जाना जा सकता है।

सूर्य – जिन जातकों की कुंडली में सूर्य की स्थिति खराब होती है उन्हें बचपन से अपने पिता से मतभेद होना शुरू हो जाता है। ऐसे लोगों के शरीर में कुछ न कुछ त्वचा रोग पैदा होते रहते हैं।

चंद्रमा- जिन जातकों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है उनकी माता की सेहत खराब रहती है और ऐसे लोगों की कल्पनाशक्ति भी काफी मंद होती है।

मंगल- अगर किसी जातक का स्वभाव क्रूर और हिंसक हो तो उसकी कुंडली में मंगल कमजोर होते हैं। ऐसे लोगों का आत्मविश्वास कमजोर होता है।

बुध- जिन जातकों की कुंडली में वाणी के ग्रह बुध कमजोर होते हैं ऐसे जातकों को नशे और जुएं की बुरी आदत लग जाती है।

गुरु- अगर किसी व्यक्ति के विवाह में देरी, शिक्षा में बाधा उत्पन्न होना और कम उम्र में बालों का गिरना जैसी बीमारी हो तो उनकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होते हैं।

शुक्र- जिस किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र का प्रभाव अच्छा नहीं होता है उन्हें प्रेम में सफलता नहीं मिलती। ऐसे लोगों को त्वचा से संबंधित बीमारियां रहती है।

शनि- अगर आपकी की कुंडली में शनि शुभ भाव में नहीं है तो व्यक्ति के लाख कोशिशो के बाद भी उसको किसी काम में सफलता नहीं मिलती। ऐसे लोग कर्जों के बोझ के तले हमेशा दबे रहते हैं।

राहु- जिन लोगों की कुंडली में राहु अशुभ रहते हैं ऐसे लोग कभी भी अपनी बुद्धि से काम नहीं लेते हैं। इनके हाथ के नाखून निकले रहते हैं और अगर कोई श्वान पालते हैं वह बहुत जल्द मर जाता है।



केतु- अगर किसी के जोड़ों में दर्द और मूत्र से संबंधित बीमारी है तो कुंडली में केतु का प्रभाव अच्छा नहीं माना जाता है।