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लॉकडाउन के बीच श्रद्धालुओं के लियें आयी बड़ी खुशखबरी, चारधाम की यात्रा हुयी शुरू!! जानें गाइडलाइंस…..

यात्रा

कोरोना और लॉकडाउन के बीच यमुनोत्री, गंगोत्री के कपाट शुभ मुहूर्त में खोल दिए गए है। इसके साथ ही चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री द्वारा इस बार 11 सौ एक रुपये मंदिर समिति के खाते में भिजवाए गए हैं।

बता दें कि शुक्रवार को अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में यमनोत्री के कपाट खुले तो आज शनिवार सुबह गंगोत्री के खुले है। ऐसा पहली बार हुआ है जब यमनोत्री और गंगोत्री के कपाट अलग-अलग दिन खोले गए हैं। कोविड म’हा’मा’री को देखते हुए इस बार कपाटोद्घाटन में पुजारी, तीर्थ पुरोहित एवं पलगीर समेत कुल 25 लोग शामिल हुए। इन सभी लोगों की पहले को’रो’ना जां’च कराई गई है।

इस बार को’रो’ना के कारण सरकार ने चारधाम यात्रा की अनुमति यात्रियों को नहीं दी है और लोगों से घर पर ही रहकर पूजा-अर्चना करने की अपील की है।

इस बार तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान रखकर सरकार ने चारधाम यात्रा को स्थगित कर दी है। संकट की इस घड़ी मेंय श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए भक्तों के लिए सरकार ने चारधाम के वर्चुअल दर्शन कराने की तैयारी कर ली है। जिससे घर बैठे लोग चारधाम के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना के साथ आरती में वर्चुआली शामिल होंगे।

यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था करने से चारों धामों के दर्शन के इच्छुक श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह को छोड़कर बाकी मंदिर परिसर के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे।

बता दें कि चारों धाम के कपाट 6 माह के लिए खुलते है और 6 माह के लिए बंद रहते है। चारों धाम के कपाट अप्रैल-मई में खुलते है और सर्दियां आते ही बंद कर दिये जाते है। कहा जाता है कि शीतकालीन प्रवास में मां यमुना अपने भाई के पास खरसाली में रहती है और ग्रीष्मकालीन मौसम आते ही अपने धाम यमुनोत्री आ जाती है।


इस समय भी यमुनोत्री में भयंकर ठंड रहती है। यमुनोत्री जाने का बड़ा ही दुर्गम रास्ता है। वहां पर घोड़ा और पालकी की व्यवस्था होती है। आप पैदल यात्रा भी कर सकते हैं।

इस दिन खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट
अब इसके बाद 17 मई को केदारनाथ और 18 मई को बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे। केदारनाथ की विग्रह पंचमुखी डोली 14 मई को रात में पंचमुखी पहुंच गई है। और आज रात केदारनाथ पहुंचेगी। इसके बाद 17मई को केदारनाथ के कपाट खुलेंगे। वैशाख की षष्ठी तिथि को बद्रीनाथ के कपाट पुष्य नक्षत्र में खोले जाएंगे।