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मंगल का कर्क राशि में गोचर,इस समय में सतर्कता और सावधानी ही आपको बचा सकती है नहीं तो…

धार्मिक ख़बर


वैदिक ज्योतिषशास्त्र
वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अंतर्गत मंगल ग्रह को ग्रहों के सेनापति का दर्जा प्राप्त है। जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल की स्थिति शुभ है वह निर्णय लेने में काफी तेज होता है, वह प्रतापी, साहसी, ऊर्जावान व्यक्तित्व का मालिक होता है। मंगल ग्रह को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है, जिसका संबंध संपत्ति, भूमि-भवन और बिजली के उपकरणों से है।


मंगल ग्रह का गोचर

आगामी 2 जून, 2021 को मंगल ग्रह का गोचर राशि चक्र की चौथी यानि कर्क राशि में होने जा रहा है। यह परिवर्तन सुबह 6 बजकर 39 मिनट पर होगा, जिसके बाद 20 जुलाई तक वह इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद मंगल ग्रह का गोचर सिंह राशि में हो जाएगा। आइए जानते हैं राशि अनुसार यह गोचर आपके ऊपर क्या प्रभाव डालने जा रहा है।


मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर चौथे भाव में होने जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप प्रभाव से आपको आमदनी में वृद्धि के योग बन रहे हैं लेकिन इस दौरान आपके जीवनसाथी को कोई बड़ा आर्थिक नुकसान होने की संभावना है। इस अवधि में आपको मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ सकता है।


वृषभ राशि
मंगल ग्रह का यह गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में होगा जो आपको कुछ हद तक मानसिक सुकून तो अवश्य देगा। इस दौरान आप अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव की योजना भी बना सकते हैं और मुमकिन है आपकी स्थिति पहले से मजबूत भी हो जाए। आपको अपने माता-पिता की सेहत का ख्याल भी रखने की सलाह दी जा रही है।
मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर दूसरे भाव से संबंध रखता है, इस भाव में मंगल की मौजूदगी आपके क्रोध को काफी हद तक बढ़ा देगी। इस अवधि में आपको कोई बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है, सतर्क रहने में ही भलाई है।
कर्क राशि
मंगल का गोचर आपकी राशि के प्रथम भाव में होने जा रहा है जिसके परिणामस्वरूप आपके स्वभाव में अहंकार और क्रोध में वृद्धि हो सकती है। आप दूसरों के साथ कड़वी भाषा का प्रयोग कर सकते हैं, जिसका खामियजा आपको आगे भुगतना पड़ सकता है, सावधान और सचेत रहने में ही भलाई है।

सिंह राशि

मंगल का प्रवेश आपकी राशि के बारहवें भाव में होगा जो आपके खर्चों को काफी हद तक बढ़ने वाला साबित हो सकता है। अगर कुछ समय से विदेश गमन की योजना बना रहे हैं तो इस अवधि में वह साकार हो सकती है। आपके परिवार में शांति और खुशहाली का वातावरण स्थापित होने की संभावना है।
कन्या राशि
मंगल का यह गोचर आपकी राशि के ग्यारहवें भाव से संबंध रखता है, जो अपना व्यवसाय कर रहे लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। यह समय अपने कौशल को और निखारने का है, आप अपनी कोई बड़ी खूबी को इस दौरान पहचान सकते हैं।


तुला राशि

अगर आप तुला राशि से संबंध रखते हैं तो यह गोचर आपके दसवें भाव से संबंध रखता है। इस अवधि में आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होने की पूर्ण संभावना है। आपको कार्यस्थल में उन्नति के भी अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। अपने और अपने परिवार की सेहत का ख्याल रखें।


वृश्चिक राशि
नौंवे भाव में मंगल का गोचर आपके लिए मिलाजुला परिणाम देने वाला साबित होगा।इस अवधि में किसमत तो आपका साथ देगी लेकिन खर्च में अचानक वृद्धि हो जाने के कारण आपको परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।


धनु राशि

वे लोग जो धनु राशि के अंतर्गत आते हैं उनके लिए यह गोचर आठवें भाव में होगा जो आपके लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। इस अवधि में आपको वाहन चलाते समय सावधानी रखने की सलाह दी जाती है, साथ ही यह भी ध्यान रखें कि किसी भी व्यक्ति के साथ बेवजह की बहस में ना उलझें, यह आपके लिए नुकसानदेह साबित होगा।
मकर राशि

मकर राशि के सातवें भाव में मंगल का गोचर होने का अर्थ है आपके क्रोध, अहंकार और चिड़चिड़ेपन में अप्रत्याशित वृद्धि…ये सभी अवगुण आपके बनते हुए काम को भी बिगाड़ देंगे। अगर आपने सावधानी नहीं रखी तो समस्या में पड़ जाएंगे।


कुंभ राशि
कुंभ राशि के लिए यह गोचर छठे भाव में हो रहा है जो विद्यार्थियों के लिए शुभ साबित होने वाला है। लेकिन व्यापारी वर्ग के लोगों को इस अवधि में नुकसान उठान पड़ सकता है। खासकर वे लोग जो पार्टनरशिप में बिजनेस चलाते हैं, उन्हें विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।


मीन राशि
मंगल का आपकी राशि के पांचवें भाव में आना कार्यक्षेत्र में परेशानियों का सूचक बन रहा है। साथ ही साथ स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय आपके लिए अच्छा नहीं है। बेहतर यही रहेगा कि इस अवधि में आप वेजह ही बातों में ना उलझकर स्वयं को नियंत्रित रखें।