Categories
धर्म

चन्द्र ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रहें सावधान, शिशु को हो सकता है खतरा…

धार्मिक ख़बर

मई 2021 को चंद्र ग्रहण पड़ेगा।
चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण आने पर गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हो जाती हैं। 26 मई 2021 को चंद्र ग्रहण पड़ेगा वहीं चंद्र ग्रहण औरसूर्य ग्रहण आने पर गर्भवती महिलाएं (Pregnant women) सबसे ज्यादा परेशान हो जाती हैं। वहीं कुछ गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर कुछ दवाईयां भी लेनी होती हैं। पूजन करना पड़ता है। तथा कुछ गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर ने बेड रेस्ट भी बताया होता है। इस दौरान उन्हें आराम से लेटना पड़ता है। ऐसी महिलाएं अधिक देर तक बैठ नहीं सकती हैं। इन सभी बातों को सोचते हुए गर्भवती महिलाएं ग्रहण के नाम से बहुत अधिक परेशान हो जाती हैं। कि ग्रहण के दौरान वे कैसे सोएंगी, दवाईयां कैसे लेंगी और भोजन कैसे करेंगी। क्योंकि सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण, ग्रहण का सबसे बुरा प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर ही पड़ता है। ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। इसलिए ग्रहण का नाम सुनते ही गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हो जाती हैं। कि ग्रहण का प्रभाव उन पर कैसा होगा। उनके शिशु की सुरक्षा कैसे हो, इस ग्रहण के बुरे प्रभाव से कैसे सुरक्षित रहें। यहीं सब बातें गर्भवती महिलाएं सोचती हैं। जैसे कि ग्रहण काल में ग्रहण को मानने के कुछ नियम हैं उसी प्रकार ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं के लिए भी कुछ नियम बताए गए हैं। उन नियमों को मानकर वे महिलाएं खाना-पीना, सोना और बाथरूम आदि जा सकती हैं। तो आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के दौरान करने योग्य कुछ खास उपायों के बारे में…

ग्रहण के प्रभाव से अपने शिशु की सुरक्षा के लिए तुलसी का लेप अपने गर्भ पर लगा लें। ग्रहण काल से पहले ही तुलसी के पत्ते को पीसकर पेस्ट बना लें और उसे अपने गर्भ पर लगा लें। इससे ग्रहण के दौरान उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर नहीं पड़ेगा। क्योंकि तुलसी का पत्ता औषधिय गुणों से युक्त होता है। इसमें एंटी बैक्टिरियल, एंटी वायरल तत्वों को नष्ट करने की क्षमता होती है। जो शिशु की हर प्रकार के स्कीन इंफेक्शन से सुरक्षा करता है ।
ग्रहण के पहले ही आप चंदन का लेप अपने पेट पर लगा लें। इससे ग्रहण का बुरा असर आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर नहीं होगा। तथा ग्रहण के बुरे प्रभाव से आपका शिशु सुरक्षित रहेगा।
ग्रहण के दौरान आप अपने गर्भ पर गेरू का लेप भी लगा सकती हैं। इससे भी गर्भ में पल रहे शिशु पर ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं होगा। तथा ग्रहण के समाप्त होने के बाद आप इस लेप को धो लें।
ग्रहण शुरू होने के पहले ही आप एक नारियल खरीदकर रख लें और ग्रहण शुरू होते ही नारियल को अपने पास रखें। तथा ग्रहण की समाप्ति के बाद नारियल को हटा दें। अथवा जल में विसर्जित कर दें। इससे भी गर्भ में पल रहे शिशु पर ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा और शिशु को इससे सुरक्षा मिलती है।
ग्रहण के दौरान आप यदि सोना चाहती हैं अथवा लेटना चाहती हैं तो आप अपने सिर से पैर तक एक लंबा धागा नापकर कमरे में किसी भी कोने पर सीधा लटका दें। ऐसा करने के बाद यदि आप सो जाती हैं या हाथ-पैर मोड़कर बैठती हैं तो ग्रहण का बुरा प्रभाव आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर नहीं होगा। ग्रहण के प्रभाव और दोष से आप सुरक्षित रहेंगी। ग्रहण का बुरा प्रभाव उस धागे पर पड़ेगा तथा ग्रहण के समाप्त होने पर धागे को नदी में विसर्जित कर दें। या घर से दूर रख दें।