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चांदी की मछली रखने के हैं बड़े बड़े लाभ, अगर नहीं रखेंगे तो बहुत पछताएंगे..

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वास्तु व फेंगशुई शास्त्र में ऐसी बहुत से चीज़ों के बारे में बताया गया है जिन्हें घर में रखना शुभ व लाभकारी माना जाता है। इनमें ज्यादातर धातु की चीज़ें शामिल होती हैं। जैसे धातु का हाथी, कछुआ, धातु के सिक्के, लॉफिंग बुद्धा तथा धातु की मछली आदि। वास्तु शास्त्र में धातु की कई तरह की मछलियों का वर्णन किया गया है। इसमें खासतौर पर लाल नग वाली चांदी को काफी शुभ माना जाता है। बल्कि कहा जाता है जैसे पानी के बाहर मछली शरीर को लोच देती है, ठीक वैसे ही चांदी की इस मछली में भी लोच देखने को मिलती है। जी हां, पानी में डालने पर देखने को वाले को ऐसा प्रतीत होता है जैस चांदी की मछली पानी में तैैर रही हो।

बताया जाता है ऐसी मछलियों को तैयार करने पर, सबसेे पहले इनकी पूंछ बनाई जाती है, फिर पत्ती काट छल्लेदार टुकड़े होते हैं। इसके बाद कटान पत्ती को छल्लेदार टुकड़े बनाते हुए कसा जाता है। बाद में इसके सिर, मुंह, पंख तैयाप कर अंत में इसमें लाल नग जड़ दिया जाता है। हालांकि वर्तमान समय में सरकारी तौर कोई मदद न मिलने से अब यह कला कहीं न कहीं दम तोड़ती नजर आ रही है।

वास्तु शास्त्री बताते हैं इस तरह की मछली को घर में रखने से जातक को एक नहीं बल्कि अनेक तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। तो आइए जानते हैं लाल नग वाली चांदी की मछली को घर में रखने से किस तरह के लाभ मिलते हैं।

इसे प्रचूर मात्रा में धन आगमन का प्रतीक है।

वास्तु शास्त्री बताते हैं इसे घर में रखने से चारों दिशाओं से मंगलकारी सूचनाएं प्राप्त होती हैं।

प्रातः सबसे पहले चांदी की मछली के दर्शन करने से दिन शुभ व अनुकूल रहता है तथा प्रसन्नता से व्यतीत होता है।


इसे घर व दुकान में रखने से व्यापार में मनचाही प्रगति प्राप्त होती है। कहा जाता है दुकान आदि में जाकर सबसे पहले इनके दर्शन करने चाहिए।

कुछ मान्यताओं के अनुसार कुछ लोग कन्या की शादी के उपरांत उपहार के रूप में वर-वधु को चांदी की मछली भेंट में देते हैं, क्योंकि इससे मिठास का प्रतीक भी माना जाता हैय़

तो वहीं कहा जाता है कि चांदी की मछली आरोग्यता का भी वरदान देती है। पर्स में छोटी सी चांदी की मछली रखने सेे धन की आवक बनी रहती है।

धार्मिक किंवदंतियों के अनुसार कुछ लोग मछली पालते हैं, कहा जाता है जिस घर में वह पाली जाती है उस घर की आपदा वह अपने ऊपर ले लेती है, परंतु कोई भी धर्म अपनी आपदा किसी मूक जीव पर नहीं डालना चाहेगा, इसीलिए चांदी की मछली प्रतीकात्मक स्वरूप मानकर घर में रखी जाती है।