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ये हैं वो गलतियां, जो हर हनुमान जयंती को करते हैं आप, इस बार करने से बचें……….

धार्मिक खबर

27 अप्रैल को हनुमान जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन राम भक्त हनुमान की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। धर्म वैज्ञानिक पंडित वैभव जोशी के अनुसार सनातन धर्म में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के परम भक्‍त हनुमान को संकट मोचक माना गया है। मान्‍यता है कि श्री हनुमान का नाम लेते ही सारे संकट दूर हो जाते हैं और भक्‍त को किसी बात का भय नहीं सताता है। उनके नाम मात्र से आसुरी शक्तियां गायब हो जाती हैं। हनुमान जी के जन्‍मोत्‍सव को देश भर में हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है। हनुमान जी की पूजा में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

हनुमानजी को प्रिय है लाल रंग

श्री बजरंग बली का प्रिय रंग लाल है। ऐसे में पूजा के दौरान उनकी पसंद का पूरा ध्यान रखें। कहने का तात्पर्य श्री हनुमान जी को लाल रंग के फूल, कपड़ें आदि अर्पित करें। श्री हनुमान जी की पूजा काले या सफेद रंग के कपड़े पहनाकर न करें। ऐसा करने पर आपकी पूजा पर नकरात्मक प्रभाव पड़ता है। हनुमान जी की पूजा में लाल और पीले रंग के कपड़ों का ही प्रयोग करें।

ऐसे में न करें हनुमान का ध्यान

श्री बजरंग बली काफी शांतप्रिय देवता माने जाते हैं, इसलिए उनकी साधना बड़े ही शांत मन से करनी चाहिए। यदि आपका मन अशांत है या फिर आपको किसी बात पर क्रोध आ रहा है, तो ऐसे में हनुमान जी की पूजा न करें। अशांत मन से की गई पूजा से हनुमान जी प्रसन्न नहीं होते हैं। साथ ही हनुमत पूजन के दौरान गलत विचारों की ओर भी अपना मन न भटकने दें।

न चढ़ाएं चरणामृत

बहुत कम ही लोगों को इस बात का ज्ञान है कि हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाता है। साथ ही श्री बजरंग बली की खंडित अथवा टूटी मूर्ति की पूजा करना भी वर्जित है। मांस-मदिरा का सेवन करने के पश्चात् भी न तो हनुमान मंदिर जाएं और न ही उनकी पूजा करें।

न करें क्रोध और जपे सिर्फ राम नाम

हनुमान जी जिनते बलशाली देवता हैं उतना ही शांत उनका व्‍यक्तित्‍व है। पूजा के दिन भूलकर भी क्रोध न करें। इस पूरे दिन राम नाम की 108 माला जपने से रामभक्‍त हनुमान बेहद प्रसन्‍न होते हैं।