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मुरझा जाए तुलसी का पौधा तो हो जाएं सतर्क…

धार्मिक ख़बर

हिंदू धर्म से में तुलसी के पौधे को देवतुल्य माना जाता है। कुछ लोग आंगन में तुलसी का पौधा भी जरूर लगाते हैं, ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे और पॉजिटिव एनर्जी आए। मगर, इसका ख्याल बाकी पौधों से थोड़ा अलग तरीके से रखा जाता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि तुलसी का प्लांट घर में लगा है तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है…

सिर्फ मिट्टी में न लगाएं तुलसी का पौधा

तुलसी के पौधे में ज्यादा पानी डालने से वो खराब हो जाता है। ऐसे में तुलसी का पौधा 70% मिट्टी और 30% रेत में लगाएं। इससे वो बारिश के मौसम में भी खराब नहीं होगा।

नेचुरल खाद का इस्तेमाल

तुलसी का पौधा उगाने के लिए गाय के गोबर से बनी खाद का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि तुलसी हमेशा थोड़ा गहरा और चौड़ा गमले में लगाएं। इससे पौधा जल्दी बढ़ेगा और हर मौसम में हरा-भरा भी रहेगा।

ऐसे दें जल

तुलसी को जल देने के लिए कांसे के लौटे का इस्तेमाल करें। साथ ही महिलाएं शाम के समय तुलसी के सामने दीया जरूर लगाएं। इससे घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
तुलसी को खराब होने से कैसे बचाएं?

1 लीटर पानी में 1 चम्मच नमक मिलाकर पौधे की पत्तियों व मिट्टी पर छिड़कें। इससे पौधा हरा-भरा रहेगा और खराब नहीं होगा।

तुलसी पत्तियों के मुरझाने पर करें ये काम

अगर तुलसी का पौधा सूख चुका हो तो उसे घर में न रखें। इसे किसी मंदिर या पवित्र नदी में विसर्जित कर दें क्‍योंकि सूखी हुई तुलसी घर के लिए अशुभ होती है। यह भविष्य में होने वाले किसी संकट का संकेत हो सकता है।

तुलसी रखने की सही दिशा

तुलसी के पौधे को ना सिर्फ मां लक्ष्मी माता का स्वरूप माना जाता है बल्कि यह विष्णु को भी बेहद सर्वप्रिय है। वास्तु के अनुसार, इसे उत्तर, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व में रखना शुभ होता है। इसके अलावा तुलसी को भूलकर भी पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में ना लगाएं।

तुलसी की पत्तियां तोड़ते समय ना करें ये गलतियां

– कभी भी रविवार, अमावस्या, द्वादशी और चतुर्दशी पर तुलसी तोड़ने की भूल ना करें।

– वास्तु शास्त्र में सूर्यास्त के बाद भी तुलसी तोड़ना अशुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, राधा रानी का रुप मानी जाने वाली तुलसी सांयकाल के समय माता लीला करती हैं।

– खींचकर या नाखूनों से तुलसी तोड़ना भी वर्जित माना जाता है।

-शास्त्रों के अनुसार, तुलसी एक वृक्ष नहीं बल्कि राधा रानी का अवतार हैं। ऐसे में इसकी पत्तियों को चबाएं नहीं बल्कि जीभ पर रख कर चूसें।