विज्ञान का रहस्य या कुदरत का करिश्मा???

100 साल में छठा मामला सुपरफ़ोएटेशन का

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हालांकि जरूरी नहीं है कि इसका नतीजा हमेशा अच्छा ही हो, इसका असर बुरा भी हो सकता है, ये माँ और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है| कुदरत के आगे किसी के नहीं चलती कई आर ऐसा होता है की किसी को कुछ नहीं होता माँ और भ्रूण दोनों ही सुरक्षित रहते हैं|

प्रोफेसर साइमन कहते हैं, “ऐसे मामले हुए हैं जब भ्रूण गर्भ में ही खत्म हो गया हो और वक्त से पहले डिलवरी करानी पड़ी हो.”हालांकि मानवों में इस तरह के चमत्कार की घटनाएं कभी-कभार होती हैं. प्रोफेसर फ़िशेल कहते हैं, “कुछ वक्त पहले रोम में एक ऐसा मामला हुआ था जब तीन से

 

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